कोरोना वायरस के लिए देश में बन रही रूसी वैक्सीन स्पुतनिक लाइट को भारत सरकार की ओर से जल्द ही निर्यात की अनुमति मिल सकती है। ये सिंगल डोज वैक्सीन है। यानी इसमें सिर्फ एक ही डोज देकर कोरोना के खिलाफ लड़ा जा सकेगा। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो निर्यात की अनुमति इसी महीने मिलने की संभावना है। हालांकि,आपको बता दें की अभी तक देश में इस वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी नहीं मिली है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय दवा निर्माता कंपनी हेटेरो पहले ही इस सिंगल डोज वाली कोरोना वैक्सीन की 20 लाख से अधिक खुराक का प्रोडक्शन कर चुकी है। वैक्सीन को मंजूरी देने के लिए देश के दवा नियामक ने एक अलग इम्यून-ब्रिजिंग क्लिनिकल ट्रायल की मांग की है। इसी के साथ आपको यह भी बता की स्पुतनिक लाइट का निर्यात इस महीने से शुरू होने की उम्मीद है। लाइट भारत में स्वीकृत वैक्सीन नहीं है और स्टॉक उपलब्ध है। सरकार पर निर्यात का दबाव है।’ वहीं, वैक्सीन को अनुमति मिलने को लेकर हेटेरो और डॉ रेड्डीज लैब और रूसी सॉवरेन वेल्थ फंड (आरडीआईएफ) ने इस पर टिप्पणी की अनुरोध का जवाब नहीं दिया।
कब तक शुरू हो सकता है टीके का निर्यात ?
बता दें कि भारत एक बार फिर से कोरोना वैक्सीन की निर्यात शुरू करने जा रहा है। पिछले दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत कोवैक्स कार्यक्रम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत अक्टूबर से कोरोना वैक्सीन की निर्यात शुरू करेगा। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भारत अप्रैल में टीके के निर्यात पर रोक लगा थी।


Download Android App
Download iOS App



