देश में संसद का बजट सत्र का दूसरा चरण चल रहा है, ऐसे में केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में 2014 के बाद से सुरक्षा हालात में सुधार हुआ है और उग्रवादी हिंसा में 74 फीसदी की कमी आई है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति तथा पूर्वोत्तर राज्यों के विभिन्न उग्रवादी समूहों के साथ शांति वार्ता शुरू करने का नतीजा है कि आज पूर्वोत्तर में शांतिपूर्ण माहौल है और वहां विकास हो रहा है।
सरकार की पहलों के चलते विभिन्न विद्रोही समूह बातचीत के लिए आगे आए
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों के उग्रवादी समूहों की समस्याओं का संविधान के दायरे में समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहलों के चलते विभिन्न विद्रोही समूह बातचीत के लिए आगे आए और उन्होंने अपने अभियान रोक दिए। कुछ ने तो समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए। राय ने कहा कि बातचीत से अलग रहने वाले समूहों से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सशस्त्र बल और राज्य पुलिस निपट रहे हैं। उन्होंने कहा ‘‘इस बेहतर रणनीति की वजह से पूर्वोत्तर के राज्यों में 2014 के बाद से सुरक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है।’’
सुरक्षा बलों के कर्मियों के मारे जाने की घटनाओं में 60 फीसदी की कमी आई है
उन्होंने कहा कि 2014 से तुलना करें तो पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवादी हिंसा में 74 फीसदी की कमी आई है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के मारे जाने की घटनाओं में 89 फीसदी की और सुरक्षा बलों के कर्मियों के मारे जाने की घटनाओं में 60 फीसदी की कमी आई है। राय ने कहा कि हालांकि कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है लेकिन केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के राज्यों में शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों में पूरी तरह से मदद कर रही है।


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