नयी दिल्ली : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उच्चतम न्यायालय में एक कैविएट दाखिल की है। इसमें अनुरोध किया है कि पिछले वर्ष राज्यसभा के लिए उनके निर्वाचन के खिलाफ कांग्रेस के एक नेता की याचिका पर कोई आदेश पारित करने से पहले अदालत उनके पक्ष को भी सुने। यह कैविएट जयशंकर की ओर से अधिवक्ता स्वरूपमा चतुर्वेदी ने दायर की है। इसमें कहा गया है कि गुजरात उच्च न्यायालय के चार फरवरी के आदेश के खिलाफ दायर किसी भी याचिका पर कोई फैसला लेने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाये।
उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता गौरव पंड्या की याचिका को खारिज कर दिया था। कांग्रेस नेता ने राज्यसभा के लिए जयशंकर के निर्वाचन को चुनौती दी थी। अदालत ने भाजपा के उम्मीदवार जुगलजी ठाकोर के निर्वाचन के खिलाफ कांग्रेस नेताओं चंद्रिका चुडासमा और परेश धनाणी द्वारा दायर दो अन्य याचिकाओं को भी खारिज कर दिया था।
जयशंकर और ठाकोर ने कांग्रेस उम्मीदवारों क्रमश: पांड्या और चूडासमा को उपचुनावों में पराजित कर दिया था। कांग्रेस नेताओं ने उच्च न्यायालय में इस आधार पर उनके निर्वाचन को चुनौती दी थी। याचिका में दावा किया गया कि चुनाव आयोग द्वारा दो रिक्त सीटों को अलग-अलग श्रेणी का मानते हुए अलग से उपचुनाव कराने संबंधी अधिसूचनाएं जारी करना ‘‘अवैध है और संविधान के प्रावधानों, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और चुनाव नियमों का संचालन, 1961 का उल्लंघन है।


Download Android App
Download iOS App



