जयशंकर ने कतर विदेश मंत्री के समकक्ष रखी नए दूतावास परिसर की आधारशिला

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विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को कहा कि उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर कतर के अपने समकक्ष शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी के साथ उपयोगी बातचीत की।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को कहा कि उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर कतर के अपने समकक्ष शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी के साथ उपयोगी बातचीत की। उन्होंने दोहा में नए दूतावास परिसर की आधारशिला का भी अनावरण किया।
 विदेश मंत्री जयशंकर ने किया ट्वीट 
जयशंकर ने एक ट्वीट में कहा, कतर के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री थानी से उपयोगी बातचीत हुई। हमारी व्यापक आधार वाली राजनीतिक, आर्थिक, डिजिटल और सुरक्षा साझेदारी पर चर्चा हुई। निवेश और व्यापार के विस्तार में रुचि की सराहना करता हूं। भारतीय समुदाय को दिए गए समर्थन के लिए कतर के अधिकारियों को धन्यवाद।
विदेश मंत्री बोले दूतावास परिसर भारतियों की आकांक्षा पूरा करेंगा  
उन्होंने कहा, इस अवसर की शोभा बढ़ाने के लिए उप्र प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अल थानी को धन्यवाद। विश्वास है कि नया दूतावास परिसर कतर में भारतीय समुदाय की आकांक्षाओं को पूरा करेगा। बैठक के बाद अल-थानी ने ट्वीट किया, भारत गणराज्य के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को विकसित करने के तरीकों पर एक उपयोगी चर्चा की। हमने नवीनतम क्षेत्रीय विकास पर भी चर्चा की और सामान्य हित के कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2020-21 में कतर के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 9.21 अरब डॉलर का था। 2020-21 के दौरान कतर को भारत का निर्यात 1.28 अरब डॉलर और आयात 7.93 अरब डॉलर का था।
भारत खरीदता हैं कतर से रसायनिक सामान  
भारत के लिए कतर के प्रमुख निर्यात में एलएनजी, एलपीजी, रसायन और पेट्रोकेमिकल, प्लास्टिक और एल्यूमीनियम के सामान शामिल हैं, 
कतर को निर्यात किए जाने वाले भारतीय उत्पाद 
जबकि कतर को भारत के प्रमुख निर्यात में अनाज, तांबा, लोहा और इस्पात से जुड़े सामानों के अलावा सब्जियां, फल, मसाले और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद, इलेक्ट्रिकल और अन्य मशीनरी, प्लास्टिक उत्पाद, निर्माण सामग्री, कपड़ा और वस्त्र, रसायन, कीमती पत्थर और रबर शामिल हैं।
 

Desk Team