देश राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से राजधर्म करने की अपील की थी। जिस पर केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद की तरफ से कांग्रेस को खुद अपने अंदर झांकने के दिए बयान के एक दिन बाद बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं ने शनिवार को एक दूसरे पर निशाना साधा।
कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी की तरफ से प्रतिनिधिमंडल के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात के बाद ‘राजधर्म और कर्तव्य के पालन’ की सीख पर रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को देश की सबसे पुरानी पार्टी पर जमकर बरसे थे।

सोनिया ने प्रतिनिधिमंडल के साथ ज्ञापन सौंपते हुए उत्तर-पूर्व दिल्ली में साम्प्रदायिक हिंसा के चलते गई 40 से ज्यादा जानों को लेकर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की थी। कपिल सिब्बल ने शनिवार को ट्वीट करते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रविशंकर प्रसाद की टिप्पणी को लेकर उन पर हमला किया।
सिब्बल ने कहा- “कानून मंत्री ने कांग्रेस से कहा कि कृपया हमें राजधर्म न सिखाएं। हम कैसे सिखा सकते हैं मिनिस्टर? जब आपने गुजरात में वाजपेय जी की नहीं सुनी तो आप हमारी कैसे सुनेंगे!”
उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा- “सुनना, सीखना और राजधर्म का पालन इनमे से एक भी आपके सरकार के मजबूत प्वाइंट्स नहीं है।” सीनियर कांग्रेस नेता अटल बिहारी वाजपेयी के गुजरात में 2002 के दौरान हुए साम्प्रदायिक हिंसा का जिक्र कर रहे थे जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वहां के सीएम थे।


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