तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख के चन्द्रशेखर राव (केसीआर) ने शुक्रवार को अपने बेटे केटी रामाराव को परोक्ष रूप से अपना उत्तराधिकारी नियुक्त करते हुए उन्हें पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया। इसी के साथ, केसीआर ने राष्ट्रीय राजनीति पर ज्यादा ध्यान केन्द्रित करने की अपनी मंशा भी साफ कर दी।
पिछली टीआरएस सरकार में आईटी और उद्योग मंत्री रहे रामाराव की तेलंगाना विधानसभा चुनावों में पार्टी की शानदार जीत में अहम भूमिका मानी जाती है और नया निर्णय पार्टी में उनके बढ़ते दखल को दर्शाता है।
रामाराव (42) के अगले विस्तार में कैबिनेट में शामिल होने की संभावना है। टीआरएस प्रमुख ने बृहस्पतिवार को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और उनके साथ केवल एक मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने शपथ ली थी।
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केसीआर के कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रामा राव की नियुक्ति इसलिए आवश्यक थी क्योंकि चन्द्रशेखर राव राष्ट्रीय राजनीति और राज्य में विकास कार्यों पर ध्यान केन्द्रित करेंगे।
विज्ञप्ति में कहा गया कि केसीआर ने राष्ट्रीय राजनीति में ज्यादा समय देने का फैसला किया है ताकि वह राष्ट्रीय राजनीति में गुणात्मक बदलाव ला सकें। टीआरएस ने सात दिसंबर को हुए चुनाव में 119 में से 88 सीटें जीती थीं।
चुनाव नतीजों की घोषणा होने के तुरंत बाद केसीआर ने कहा था कि टीआरएस राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वह दोनों राष्ट्रीय दलों से मुकाबला करने के लिए क्षेत्रीय दलों का गैर-कांग्रेस, गैर-भाजपा मोर्चा बनाने की वकालत कर रहे हैं।
रामाराव ने ट्वीट किया कि वह टीआरएस प्रमुख द्वारा उन्हें दी गई पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी को नम्रतापूर्वक स्वीकार करते हैं। वह केसीआर के नेतृत्व में लोगों द्वारा दिखाए गए भरोसे को और मजबूत करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे।


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