तृणमूल कांग्रेस प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पेगासस विवाद पर उन्होनें कहा कि स्थिति बहुत गंभीर है, आपातकाल से भी ज्यादा गंभीर है। ममता बनर्जी ने विपक्ष का चेहरा बनाए जाने पर कहा कि मैं एक साधारण कार्यकर्ता हूं, एक कार्यकर्ता ही बनी रहना चाहती हूं। उन्होंने कहा कि मैं राजनीतिक ज्योतिषी नहीं हूं, स्थिति पर निर्भर करता है; अगर कोई और नेतृत्व करता है तो उससे कोई समस्या नहीं है ।
ममता ने कहा कि “मेरा फोन हैक किया गया, अभिषेक बनर्जी और पीके का भी फोन हैक किया गया है। अभी कोई भी फ्रीडम ऑफ प्रेस नहीं बची है ।” ममता ने कहा कि हमने जिन लोगों को त्रिपुरा भेजा, उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेगासस एक खतरनाक वायरस है, जिसके जरिए हमारी सुरक्षा को खतरे में डाला जा रहा है।
ममता बनर्जी ने कहा कि मैं सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करूंगी । लालू यादव से भी उनकी बात हुई है, सभी लोग साथ आना चाहते हैं । ममता ने कहा कि सोनिया गांधी भी विपक्षी एकता चाहती हैं, उनसे मुलाकात में हम इसपर चर्चा करेंगे । ममता बनर्जी ने कहा कि अगर विपक्षी मोर्चे पर सभी सीरियस होकर काम करते हैं, तो 6 महीने में नतीजे दिख सकते हैं ।
ममता ने कहा कि मेरे सभी विपक्षी नेताओं के साथ अच्छे संबंध हैं, अगर राजनीतिक आंधी चली तो कोई उसे रोक नहीं पाएगा। बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि अब ‘खेला होबे’ की गूंज पूरे देश में सुनाई देगी, जब आम चुनाव (2024) आएंगे, तो यह मोदी बनाम देश होगा। उन्होंने कहा कि अब हम सच्चा दिन देखना चाहते हैं, बहुत दिन अच्छे दिन का इंतज़ार किया है।
उन्होंने कहा कि संसद में भी काम नहीं हो रहा है, विपक्ष की आवाज़ को दबाया जा रहा है । ममता बनर्जी ने कहा कि देश में इस वक्त इमरजेंसी से भी सीरियस हालात हैं। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाला है, हम संसद सत्र के बाद सभी राजनीतिक दलों के साथ मिलकर बात करेंगे ।


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