देश का चर्चित हीरा कारोबारी और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले मामले में भगोड़ा मेहुल चोकसी की परेशानियां एक बार फिर बढ़ने वाली है। देश की केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने एक कथित धोखाधड़ी मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला-
इस कंपनी के साथ 22 करोड़ की धोखाधड़ी
सीबीआई ने मेहुल चौकसी और उसकी कंपनी गीतांजलि जेम्स के खिलाफ कड़ा शिकंजा कसते हुए धोखाधड़ी का एक और मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने मेहुल चौकसी और उसकी कंपनी पर 30 अप्रैल को ये मामला दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक चौकसी और उसकी कंपनी पर सरकारी कंपनी इंडस्ट्रियल फाइनेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिडेट (आईएफसीआई) से 22 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है।

दो गुना सिक्योरिटी कवर के आधार पर लोन दिया गया था
चौकसी और उसकी कंपनी पर दर्ज एफआईआर के मुताबिक चौकसी ने IFCI से साल 2016 में 25 करोड़ के लोन मांगा था। रिपोर्ट के मुताबिक चौकसी ने लोन के बदले जीजीएल और अपनी संपत्ति का ब्यौरा दिया था। आईएफसीआई लिमिटेड ने चौकसी के पास मौजूद गिरवी गहनों की कीमत का मूल्यांकन सूरजमल लल्लू भाई एंड कंपनी, नरेंद्र झावेरी, प्रदीप शाह और श्रेनिक शाह जैसे वेल्युअर से करवाई थी, ताकि चौकसी के पास मौजूद सोने और हीरे के जवाहरात की सही कीमत पता लगाई जा सके। बताया जा रहा है कि चौकसी को उसके शेयर और सोने- हीरे के गिरवी पड़े जेवरात पर दो गुना सिक्योरिटी कवर के आधार पर लोन दिया गया था।
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चौकसी की कंपनी ने दिया दगा, वसूले इतने करोड़
रिपोर्ट के मुताबिक मेहुल चौकसी की कंपनी ने लोन के बदले आईएफसीआई को किश्ते देनी बंद कर दी। आईएफसीआई ने अपने लोन की रिकवरी के लिए चौकसी द्वारा गिरवी रखे गए शेयर को बेचकर 4.7 करोड़ रुपये वसूल कर लिए। इसके बाद आईएफसीआई ने चौकसी द्वारा गिरवी रखे गोल्ड और डायमंड की ज्यूलरी की वेल्युएशन के लिए दो सोनारों को नियुक्त किया जो उन जवाहरातों की सही वेल्यू पता कर सकें।
आयकर विभाग भी कर चुका है कार्रवाई
ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले आयकर विभाग ने 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाला मामले में वांछित भगोड़े जौहरी मेहुल चोकसी की कथित तौर पर 70 करोड़ रुपये से अधिक की 100 एकड़ में फैली संपत्तियों को जब्त कर लिया है।


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