साल 2021 में जनवरी से लेकर अगस्त तक महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की शिकायतों में 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इन आठ महीनों में सामने आई कुल शिकायतों में से आधी से ज्यादा शिकायतें सिर्फ उत्तर प्रदेश से आयी। राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा जारी आंकड़ों में इस बात की जानकारी सामने आई है।
महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा का कहना है कि शिकायतें बढ़ रही हैं क्योंकि आयोग नियमित रूप से जागरुकता अभियान चला रहा है और अब लोग इसके काम के बारे में ज्यादा जागरुक हो गए हैं। आयोग के अनुसार, उसे जनवरी से अगस्त के बीच महिलाओं के खिलाफ अपराध की 19,953 शिकायतें मिलीं जबकि पिछले साल इसकी अवधि में इन शिकायतों की संख्या 13,618 थी।
महिला आयोग ने बताया कि जुलाई्र महीने में 3,248 शिकायतें आईं जो जून, 2015 के बाद किसी एक महीने में आईं सर्वाधिक शिकायतें थीं। उसके मुताबिक, इस साल आठ महीनों में जो शिकायतें आईं उनमें 7,036 शिकायतें गरिमामयी जीवन जीने के अधिकार के प्रावधान के तहत दर्ज की गईं, जबकि 4,289 शिकायतें घरेलू हिंसा और 2,923 शिकायतें विवाह के बाद महिलाओं के उत्पीड़न या दहेज संबंधी उत्पीड़न की थीं।
आयोग का कहना है कि उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक 10,084 शिकायतें आईं। इसके बाद दिल्ली से 2,147, हरियाणा से 995 और महाराष्ट्र से 974 शिकायतें मिलीं। इन आंकड़ों के बारे में पूछे जाने पर रेखा शर्मा ने कहा कि शिकायतों की संख्या में बढ़ोतरी की वजह अपराधों को रिपोर्ट करने को लेकर महिलाओं में जागरुकता का बढ़ना है। गैर सरकारी संगठन ‘आकांक्षा फाउंडेशन’ की संस्थापक अकांक्षा श्रीवास्तव का कहना है कि अब महिलाएं मदद मांगने के लिए आगे आ रही हैं और यही वजह है कि शिकायतों की संख्या बढ़ रही है।


Download Android App
Download iOS App



