अविश्वास प्रस्ताव पर 8 से 10 अगस्त को होगी चर्चा, PM संसद में मणिपुर मुद्दे पर देंगे बयान

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मणिपुर मुद्दे पर विपक्ष द्वारा जारी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर तारीखों का ऐलान हो गया है, बता दें कि मणिपुर मुद्दे पर 8 अगस्त से लेकर 10 अगस्त तक ससंद में चर्चा होगी,

मणिपुर मुद्दे पर विपक्ष द्वारा जारी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर तारीखों का ऐेलान हो गया है, बता दें कि मणिपुर मुद्दे पर 8 अगस्त से लेकर 10 अगस्त तक ससंद में चर्चा होगी, यहां चर्चा 3 दिन तक चलेगी, इंडिया गठबंधन लगातार मणिपुर मुद्दे को लेकर पीएम मोदी के बयान की मांग कर रहा था, अब इस प्रस्ताव को लेकर प्रधानमंत्री मोदी खुद ससंद के अंदर जवाब देंगे।
क्या केंद्र सरकार पर पड़ेगा इसका असर जानें
मौजूदा केंद्र सरकार के कार्यकाल का आखिरी मानसून संसद सत्र 18 जुलाई से शुरू हो गया। जैसा कि तय माना जा रहा था कि सदन की बैठक की शुरुआत हंगामेदार रही। विपक्षी पार्टियों ने सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन की सरकार को कई मुद्दों पर घेरते हुए अविश्वास का प्रस्ताव रखा। लोकसभा अध्यक्ष ने इसे स्वीकार कर लिया है और अब 20 जुलाई को इस पर संसद में चर्चा होगी। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब भाजपा बहुमत के साथ एनडीए गठबंधन के रूप में सरकार चला रही है तो क्या यह अविश्वास प्रस्ताव किसी भी तरह से उसके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। तो इसका जवाब है, नहीं। फिलहाल लोकसभा में एनडीए का संख्या बल 311 है। वहीं इंडिया गठबंधन की संख्या एनडीए के मुकाबले कम है।
क्या है अविश्वास प्रस्ताव जानिए
लोकसभा में विपक्षी दलों की तरफ से सरकार के खिलाफ लाया जाने वाला प्रस्ताव, अविश्वास प्रस्ताव कहलाता है। सरकार को लोकसभा में बहुमत साबित करने की चुनौती के लिए इसे लाया जाता है। नियम 1998 के तहत, कोई भी सदस्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे सकता है। लोकसभा अध्यक्ष जब प्रस्ताव को कार्यवाही का हिस्सा बनाए।  समर्थन में 50 सदस्यों का होना बेहद जरूरी है।लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल को 10 बजे से पूर्व लिखित में नोटिस देना होता है।

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