संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पांचवें दिन भी लोकसभा और राज्यसभा में कामकाज सुचारु रूप से नहीं चल सका। लोकसभा में कांग्रेस ने पार्टी के 7 निलंबित सांसदों का मुद्दा उठाते हुए खूब हंगामा किया। वहीं विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा आगामी 11 मार्च के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में कांग्रेस सांसदों के निलंबन का मुद्दा उठाते हुए पार्टी नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, हमारे 7 सांसदों को कल पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। हमें नहीं पता कि यह किस आधार पर किया गया? यह कोई मामूली बात नहीं है, हम केवल दिल्ली हिंसा के मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं। हम आसन का सम्मान करते हैं।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, इस तरह के व्यवहार को सदन में प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए। इससे पहले भी सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ अनुचित शब्द बोले गए लेकिन हमने कुछ नहीं किया। सरकार किसी भी सांसद को संसद के बाहर नहीं रखना चाहती है। लेकिन, कल जो हुआ, वह आजाद भारत के 70 वर्षों में कभी नहीं हुआ।

उन्होंने आगे कहा, अध्यक्ष ने एक समिति बनाई है जो 2 मार्च से 5 मार्च के बीच सदन में हुई घटनाओं के बारे में पूछताछ करेगी और अपनी रिपोर्ट संसद को प्रस्तुत करेगी। इस समिति के अध्यक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ही होंगे। पूरे घटनाक्रम के बाद लोकसभा की कार्रवाई बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
गौरतलब है कि कांग्रेस सांसदों ने दिल्ली हिंसा को लेकर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के आसा ने पास आकर कागज और प्लेकार्ड फाड़कर उछाले जिनके टुकड़े आसन के पास आकर गिरे।


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