केंद्र की मोदी सरकार के साथ जारी गतिरोध के बीच लोकसभा में विपक्षी दलों ने मंगलवार को यानी आज संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, 2021 को समर्थन देने का फैसला किया है। विधेयक सोमवार को पेश किया गया था, जिससे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी ओबीसी सूची बना सकेंगे। कई क्षेत्रीय दलों और यहां तक कि सत्ताधारी पार्टी के ओबीसी नेताओं द्वारा भी इसकी मांग की जा रही थी। इसके अलावा सरकार राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (संशोधन) विधेयक, 2021 और राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग (संशोधन) विधेयक, 2021 को भी निचले सदन की मंजूरी के लिए आगे बढ़ाएगी।
आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 9 अगस्त को इन दोनों विधेयकों को सदन में पेश किया। दोनों विधेयकों को 2019 में संसद में पेश किया गया था और स्थायी समिति को भेजा गया था जिसने नवंबर 2019 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के सांसद एम.के. प्रेमचंद्रन और शिवसेना सांसद विनायक भाऊराव राउत देश में कोविड-19 महामारी से उत्पन्न स्थिति और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं को उठाएंगे।
सरकार द्वारा बार-बार विरोध प्रदर्शनों को रोकने और शांतिपूर्ण ढंग से कार्यवाही शुरू करने के लिए विपक्ष से बार-बार संपर्क करने के बावजूद, 19 जुलाई को मानसून सत्र शुरू होने के बाद से लोकसभा की कार्यवाही लगातार बाधित रही है, लेकिन विपक्षी सांसद कथित पेगासस जासूसी मामले, महंगाई, कृषि कानून व अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए अड़े हुए हैं।


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