कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने वामपंथी विचारकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा है कि अतिवादी विचार रखने वाले को तभी दंडित किया जा सकता है जब वह हिंसा में संलिप्त हो या हिंसा भड़काया हो। चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, ‘मैं अति वामपंथी और अति दक्षिणपंथी विचारों से पूरी असहमति रखूंगा, लेकिन मैं ऐसे विचार रखने के अधिकार का बचाव करूंगा। यह आजादी का मूल सार है।’
पी चिदंबरम ने कहा, ‘ अतिवादी विचार रखने वाले किसी व्यक्ति को तभी दंडित किया जा सकता है जब वह अपनी विचारधारा के समर्थन में हिंसा में संलिप्त रहा हो या हिंसा भड़काई हो या फिर हिंसा में मदद की हो।’ पूर्व गृह मंत्री ने कहा, ‘मैं मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, वकील और कवि की गिरफ्तारी की निंदा करता हूं।’
महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में कल पुलिस ने मुंबई, पुणे, गोवा, दिल्ली, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में 10 जगहों पर छापेमारी की। पुणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त शिवाजीराव बोडखे के मुताबिक वरवर राव, वेर्नोन गोंजाल्वेज, अरुण परेरा, सुधा भारद्वाज और गौतम नौलखा को गिरफ्तार किया गया है। इन गिरफ्तारियों का कई सामाजिक-मानवाधिकार कार्यकर्ताओं व पूर्व नौकरशाहों ने विरोध किया है।


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