प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16वां जी-20 शिखर सम्मेलन और जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के महासम्मेलन-कॉप26 में हिस्सा लेने के बाद बुधवार सुबह स्वदेश वापस लौट आए। पीएम मोदी इटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रैगी के आमंत्रण पर जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 30-31 अक्टूबर को रोम में थे। इसके बाद वह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के आमंत्रण पर कॉप26 में भाग लेने के लिए। 2 नवंबर को ग्लासगो में थे।
OSOWOG पर रखा था भारत का दृष्टिकोण
जी20 में प्रधानमंत्री ने भारत द्वारा अपनाए गए ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ के दृष्टिकोण पर अपनी बात रखी। उन्होंने कोविड -19 का मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग का जिक्र किया और जी20 देशों को आर्थिक सुधार और आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण में भारत को अपना भागीदार बनाने के लिए आमंत्रित किया।
धरती के भविष्य को लेकर दो दिनों की गहन चर्चा के बाद प्रस्थान : PM मोदी
ग्लासगो में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के महासम्मेलन कॉप26 के समापन के बाद स्वदेश रवाना हुए पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘हमारी धरती के भविष्य को लेकर दो दिनों की गहन चर्चा के बाद ग्लासगो से प्रस्थान। भारत ने न केवल पेरिस समझौते की प्रतिबद्धताओं को निभाया है, बल्कि अब अगले 50 वर्षों के लिए एक महत्वाकांक्षी एजेंडा भी निर्धारित किया है।’’
PM मोदी ने बोरिस जॉनसन को गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए दिया धन्यवाद
पीएम मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को जलवायु शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए और स्कॉटिश लोगों को उनके गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा,‘‘कई पुराने दोस्तों को लंबे समय के बाद व्यक्तिगत रूप से देखना और कुछ नये लोगों से मिलना अछ्वुत था। मैं अपने मेजबान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और स्कॉटलैंड के लोगों का भी शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने खूबसूरत ग्लासगो में गर्मजोशी से आतिथ्य सत्कार किया।’’


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