प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में अंतरराष्ट्रीय डेयरी संघ विश्व डेयरी सम्मेलन-2022 (आईडीएफ डब्ल्यूडीएस-2022) का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने यह जानकारी दी।
पीएमओ ने बताया कि चार दिवसीय शिखर सम्मेलन, जो इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जा रहा है, वैश्विक और भारतीय डेयरी हितधारकों का एक सम्मेलन है, जिसमें उद्योग जगत के नेता, विशेषज्ञ, किसान और नीति निर्माता शिरकत करेंगे। यह सम्मेलन ‘पोषण और आजीविका के लिए डेयरी’ विषय पर केंद्रित है।
पीएमओ के मुताबिक, आईडीएफ डब्ल्यूडीएस-2022 में दुनिया के 50 देशों के लगभग 1,500 प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की संभावना है। इससे पहले, भारत में विश्व डेयरी सम्मेलन का आयोजन साल 1974 में किया गया था।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, “भारतीय डेयरी उद्योग इस मायने में अद्वितीय है कि यह एक सहकारी मॉडल पर आधारित है, जो छोटे और सीमांत डेयरी किसानों, विशेषकर महिलाओं को सशक्त बनाता है।”
पीएमओ ने कहा, “प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर सरकार ने डेयरी क्षेत्र की बेहतरी के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप पिछले आठ वर्षों में दूध उत्पादन में 44 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।”
प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि भारतीय डेयरी उद्योग, जिसकी वैश्विक दुग्ध उत्पादन में लगभग 23 प्रतिशत हिस्सेदारी है और जो सालाना लगभग 210 मिलियन टन दूध का उत्पादन करता है और आठ करोड़ से अधिक डेयरी किसानों को सशक्त बनाता है, उसकी की सफलता की कहानी आईडीएफ डब्ल्यूडीएस-2022 में प्रदर्शित की जाएगी।
पीएमओ के मुताबिक, शिखर सम्मेलन से भारतीय डेयरी किसानों को वैश्विक स्तर पर अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में जानने में भी मदद मिलेगी।


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