प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे के दौरान हुई सुरक्षा में चूक मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत का बड़ा बयान सामने आया है। मीड़िया रिपोर्टस के अनुसार राकेश टिकैत ने कहा है कि, ये केंद्र और राज्य सरकार की मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि, 120 किमी का रूट पीएम को तय नहीं करना चाहिए।
राकेश टिकैत का कहना है, “जब पीएम पंजाब आ रहे थे तो उन्होंने सुरक्षा को लेकर क्या इंतजाम किए थे? उनके सुरक्षित लौटने की खबर से साफ हो जाता है कि यह एक स्टंट था। यह जनता की सहानुभूति हासिल करने का सस्ता तरीका खोजने की कोशिश थी।”
पूरा मामला
बुधवार के दिन पीएम नरेंद्र मोदी का फिरोजपुर दौरा पूर्व प्रस्तावित था। लेकिन वे प्रदर्शनकारियों के रास्ता रोके जाने के कारण जनसभा तक नहीं पहुंच पाए और वापस लौट गए। इस दौरान पीएम मोदी के साथ पंजाब में सुरक्षा को लेकर भारी चूक का मामला सामने आया है। यहां तक कि पीएम मोदी ने बठिंडा एयरपोर्ट पहुंचकर घटनाक्रम पर नाराजगी जाहिर की और एयरपोर्ट अधिकारियों से कहा कि अपने सीएम को थैंक्स कहना कि मैं यहां तक जिंदा लौट आया।
चन्नी सरकार काफी किरकिरी हो रही
इस घटना को लेकर पंजाब की चरणजीत सिंह चन्नी सरकार की काफी किरकिरी हो रही है। अब मामले में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का बयान सामने आया है। राकेश टिकैत का कहना है, “जब पीएम पंजाब आ रहे थे तो उन्होंने सुरक्षा को लेकर क्या इंतजाम किए थे? उनके सुरक्षित लौटने की खबर से साफ हो जाता है कि यह एक स्टंट था। यह जनता की सहानुभूति हासिल करने का सस्ता तरीका खोजने की कोशिश थी।
42,750 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का ऐलान करने जा रहे थे
गौरतलब है कि पीएम मोदी फिरोजपुर रैली में 42,750 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का ऐलान करने जा रहे थे, लेकिन उनका एक काफिला फ्लाईओवर पर 20 मिनट तक फंसा रहा। यह घटना किसानों के एक संगठन की ओर से प्रदर्शन के चलते हुई। पीएम मोदी के काफिले के फंसने को सुरक्षा में गंभीर चूक का मामला माना गया और इसे लेकर भाजपा ने कांग्रेस की पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। इससे पहले गुरुवार को सुबह यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच गया, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होने वाली है। इसके अलावा पंजाब सरकार की ओर से सुरक्षा में चूक की जांच के लिए एक हाईलेवल कमिटी के गठन का भी फैसला लिया गया है।


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