बीते मंगलवार को सीपीआई नेता कन्हैया कुमार ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। और उसी दिन पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के अचानक इस्तीफा दे दिया है। जिस पर कन्हैया कुमार का कहना है कि केवल यही पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से लड़ सकती है। राहुल गांधी की मौजूदगी मंगलवार को कांग्रेस का हाथ थामने वाले जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के पूर्व अध्यक्ष ने पंजाब में पार्टी की कलह पर भी अपनी बात रखी और बीजेपी का उदाहरण देकर पूछा कि पीएम मोदी और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के बीच मतभेदों पर बात क्यों नहीं होती है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कन्हैया ने कहा, ”कांग्रेस चांद की तरह है। कई बार यह बढ़ता हुआ प्रतीत होता है, लेकिन यह होता नहीं। फिर भी बीजेपी से लड़ने के लिए यह एकमात्र विकल्प है।” पंजाब कांग्रेस में झगड़े और जी 23 नेताओं के असंतोष पर युवा नेता ने कहा, ”परिवार में हमेशा कुछ मुद्दे और शिकायतें होंगी, लेकिन यदि एक तरफ बीजेपी है तो दूसरी तरफ केवल कांग्रेस है। क्यों पीएम मोदी और नितिन गडकरी के बीच मतभेदों को नजरअंदाज किया जाता है।”
2024 लोकसभा चुनाव में विपक्ष के चेहरे को लेकर कन्हैया ने कहा, ”लोग तय करेंगे कि पीएम मोदी के विरोध में वह ममता बनर्जी को अपना नेता चाहते हैं या राहुल गांधी को।” कांग्रेस की सदस्यता लेते समय कन्हैया कुमार ने कहा था कि सबसे पुरानी पार्टी को बचाए बिना देश को नहीं बचाया जा सकता है। कन्हैया ने कांग्रेस को सबसे पुरानी पार्टी के अलावा इसे सबसे अधिक लोकतांत्रिक भी बताया था।


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