लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद में बहस की गुणवत्ता को लेकर कुछ हलकों में व्यक्त की गई चिंताओं के बीच शनिवार को कहा कि सदन में गुणवत्तापूर्ण बहस होती है तथा वह इसे और अधिक बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
संसद में वाद -विवाद की गुणवत्ता की सुधार करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं
ओम बिरला ने अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान लोकसभा सचिवालय द्वारा संसद के पुस्तकालय को उन्नत बनाने और सांसदों को शोध सामग्री प्रदान करने जैसी की गयी कई पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संसद में वाद-विवाद की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
देश के प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण ने पिछले साल संसद में होने वाली बहसों की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि वाद-विवाद की कमी के कारण कानून बनाने की प्रक्रिया में बहुत अधिक अस्पष्टता है तथा इसमें देरी भी होती है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, “संसद में गुणवत्तापूर्ण बहस भी होती है। हम सदन में होने वाली बहसों की गुणवत्ता में और अधिक सुधार करने की दिशा में काम कर रहे हैं। लोकसभा सचिवालय सांसदों के लिए सूचीबद्ध विधेयकों पर विशेषज्ञों द्वारा ब्रीफिंग सत्र आयोजित कर रहा है। सांसदों को शोध परक जानकारी भी दी जाती है।”
उन्होंने कहा कि पुस्तकालय को और बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास किए गए हैं और अब सांसदों के लिए घर पर किताबों की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है।


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