कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय मौद्रिकरण पाइपलाइन (एनएमपी) की घोषणा को लेकर बुधवार को केंद्र सरकार पर फिर से निशाना साधा। उन्होंने ‘इंडिया ऑन सेल’ हैशटैग से ट्वीट किया, ‘‘सबसे पहले ईमान बेचा और अब…।’’
राहुल गांधी ने सरकार की इस घोषणा को मंगलवार को युवाओं के ‘भविष्य पर आक्रमण’ करार दिया था और आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 70 साल में जनता के पैसे से बनी देश की बहुमूल्य संपत्तियों को अपने कुछ उद्योगपति मित्रों को ‘उपहार’ के रूप में दे रहे हैं।
उन्होंने यह दावा भी किया था कि एनएमपी से कुछ कंपनियों का एकाधिकार हो जाएगा जिस कारण देश के युवाओं को रोजगार नहीं मिल पायेगा। गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को छह लाख करोड़ रुपये की राष्ट्रीय मौद्रिकरण पाइपलाइन (एनएमपी) की घोषणा की।
इसके तहत यात्री ट्रेन, रेलवे स्टेशन से लेकर हवाई अड्डे, सड़कें और स्टेडियम का मौद्रिकरण शामिल हैं। इन बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में निजी कंपनियों को शामिल करते हुए संसाधन जुटाये जायेंगे और संपत्तियों का विकास किया जायेगा।
निजी निवेश हासिल करने के लिए चेन्नई, भोपाल, वाराणसी एवं वडोदरा सहित भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) के करीब 25 हवाई अड्डे, 40 रेलवे स्टेशनों, 15 रेलवे स्टेडियम और कई रेलवे कॉलोनियों की पहचान की गयी है। इन्हें निजी क्षेत्र के निवेश से विकसित किया जायेगा।


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