राकेश टिकैत को लंदन में 21वीं Century आइकॉन अवार्ड से गया नवाजा

किसान नेता राकेश टिकैत लंदन में सम्मानित, 21वीं सदी के आइकॉन अवार्ड 2021 से नवाजा गया भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेता और पिछले 1 साल से चल रहे व आज ही समाप्त हुई किसान आंदोलन में सक्रिय रूप से अहम भूमिका निभाने वाले राकेश टिकैत को लंदन में आज 21वीं सदी के आइकॉन अवार्ड 2021से नवाजा गया है

किसान नेता राकेश टिकैत लंदन में सम्मानित, 21वीं सदी के आइकॉन अवार्ड 2021 से नवाजा गया भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेता और पिछले 1 साल से चल रहे व आज ही समाप्त हुई किसान आंदोलन में सक्रिय रूप से अहम भूमिका निभाने वाले राकेश टिकैत को लंदन में आज 21वीं सदी के आइकॉन अवार्ड 2021से नवाजा गया है। राकेश टिकैत को यह पुरस्कार लंदन स्तिथ स्क्वायर वाटरमेलन ऑफ ब्रिटेन द्वारा भारत में चल रहे किसान आंदोलन को लंबे समय तक जीवित रखने के लिए दिया जाएगा।
2017 में हुई थी अवॉर्ड की शुरुआत
लंदन की स्क्वेयरड वाटरमेलन कंपनी दुनिया के लिए मिसाल बनने वाली शख्सियतों को हर साल आइकॉन अवॉर्ड देती है। इस अवार्ड की शुरुआत 2017 में हुई थी। इससे पहले 4 भारतीयों को भी 21वीं सेंचुरी आइकॉन अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है, जिसमें सोनू निगम और शंकर महादेवन का नाम भी शामिल है।
इस बीच केंद्र सरकार की ओर से कृषि कानूनों को वापस लिए जाने और कई मांगों को माने जाने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्र सरकार के बीच कई मुद्दों पर बनी सहमति के बाद किसान संगठनों ने आज शनिवार सुबह दिल्ली बॉर्डर्स से रवाना होना शुरू कर दिया। इस दौरान किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि वापसी के अभियान में अभी चार-पांच दिन लगेंगे।
गुरु पूर्णिमा के दिन PM ने किया था ऐलान
गाजीपुर बॉर्डर पर किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रदर्शनस्थल को खाली किए जाने की बात पर कहा कि किसानों का एक बड़ा ग्रुप कल रविवार सुबह 8 बजे इस क्षेत्र को खाली कर देगा। हमारे किसान भाइयों ने घर वापसी शुरू कर दी है। मैं यहां से 15 दिसंबर को निकलूंगा।
इससे पहले गुरु पूर्णिमा के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में विवादित तीनों नए कृषि कानूनों वापस लेने का ऐलान कर दिया था। इसके बाद 29 नवंबर को संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों में कृषि कानून को वापस लेने वाले विधेयक पारित करा दिए गए। इस कदम के बाद सरकार और संयुक्त किसान मोर्चा में ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन गई है।

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