देश में महंगाई प्रतिदिन- दिन बढ़ती ही जा रही है। आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। पेट्रोल-डीजल से लेकर फल और सब्जियों के दाम आसमान पर हैं। खाने वाले तेल की कीमत भी लगातार बढ़ने से किचन के बजट पर काफी असर पड़ा है। रसोई गैस की कीमतें भी काफी बढ़ गई है जिससे गैस सिलेंडर खरीद पाना मुश्किल हो रहा है।
विपक्षी दलों का महंगाई और जीएसटी को लेकर सरकार पर हमला
वहीं दूसरी तरफ लगातार संसद में विपक्षी दलों द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला जा रहा है। पिछले दिनों केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम आदमी के जिंदगी में रोजाना इस्तेमाल की जाने वाली चीजों में 5 परसेंट जीएसटी लगाई है। जिसमें दही और पैक्ड फूड को भी शामिल कर दिया गया है। बढ़ती महंगाई से जनता का जीवन मुश्किल हो गया है। और सोशल मीडिया पर भी इसके खिलाफ आवाज उठाई जा रही है।मानसून सत्र की कार्रवाई के पहले ही दिन से महंगाई और जीएसटी को लेकर संसद में हंगामा जारी है। जिसके बाद स्पीकर द्वारा कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया। हालांकि, केंद्र सरकार की तरफ से महंगाई कम करने को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन, लगातार गैस सिलेंडर से लेकर रोजाना उपयोग में आने वाली चीजों के भी दाम बढ़ रहे हैं।महंगाई पर नियंत्रण करने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाती हैं। लेकिन ये दोधारी तलवार की तरह है और इससे अर्थव्यवस्था में सुस्ती आने का ख़तरा भी होता है।
सरकारे बस ऐसे ही एक दूसरे पर आरोप लगती है
इसका सबसे ज्यादा असर आम आदमी की जेब पर पढ़ रहा है। रोज़मर्रा की चीजों की कीमते बढ़ने से लोगों की जेब खाली होती जा रही है। सरकारे बस ऐसे ही एक दूसरे पर आरोप लगती रहती है इसका कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। पता नहीं कब तक महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी


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