SC ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में ‘बढ़ाई अंतरिम जमानत 11 जुलाई तक’

Summary :

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा की अंतरिम जमानत 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा की अंतरिम जमानत 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेके माहेश्वरी की बेंच ने मामले की सुनवाई स्थगित करते हुए कहा कि मामले में अंतरिम आदेश 11 जुलाई तक जारी रहेगा. इस मामले में पीड़ित परिवार की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने शीर्ष अदालत से रोजाना निर्देश देने का आग्रह किया. ट्रायल कोर्ट में कार्यवाही। 
निचली अदालत ऐसे अन्य मामलों से निपट रही होगी
हालांकि, अदालत ने कहा कि यह संभव नहीं हो सकता है क्योंकि निचली अदालत ऐसे अन्य मामलों से निपट रही होगी।लेकिन भूषण ने यह कहकर जोर दिया कि ऐसे मामले बीस साल तक चलते हैं और तब तक मामले से जुड़े कई गवाहों की मौत हो जाती है।शीर्ष अदालत ने कहा कि यही कारण है कि उन्होंने मामले को लंबित रखा है।शीर्ष अदालत ने 25 जनवरी को आशीष मिश्रा को आठ सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी और कई शर्तें लगाई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को निर्देश दिया कि आठ सप्ताह की अपनी अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान, वह उत्तर प्रदेश राज्य या दिल्ली के एनसीटी में नहीं रहेंगे।शीर्ष अदालत ने आशीष मिश्रा को अपने स्थान के बारे में संबंधित अदालत को सूचित करने का भी निर्देश दिया। 
मुकदमे में देरी करने की कोशिश 
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आशीष मिश्रा या उनके परिवार द्वारा गवाहों को प्रभावित करने और मुकदमे में देरी करने की किसी भी कोशिश से उनकी जमानत रद्द हो सकती है। अदालत ने मिश्रा को अपने स्थान के संबंधित पुलिस स्टेशन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने मामले में अन्य चार सह-आरोपियों को अपनी स्वत: संज्ञान शक्ति का उपयोग करते हुए अंतरिम जमानत का लाभ भी दिया। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था। 26 जुलाई, 2022 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को जमानत देने से इनकार कर दिया। 
लखनऊ बेंच ने जमानत खारिज कर दी
बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जमानत खारिज कर दी थी। उक्त आदेश को आशीष मिश्रा ने एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड टी महिपाल के माध्यम से दायर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।मिश्रा पर 3 अक्टूबर, 2021 को हुई घटना के लिए हत्या का मामला चल रहा है, जिसमें लखीमपुर खीरी में चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। 

Desk Team