कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सेना में महिला अधिकारियों के कमान संभालने का मार्ग प्रशस्त करने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए मोदी सरकार को महिला विरोधी सोच बताया। उनके बयान को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पलटवार करते हुए उन्हें बेगानी शादी का अब्दुल्ला बता दिया।
स्मृति ईरानी ने ट्वीट कर लिखा, आदरणीय बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाने,यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ही थे जिन्होंने सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए स्थायी आयोग की घोषणा की, जिससे लैंगिक न्याय सुनिश्चित किया गया और बीजेपी महिला मोर्चा ने इस मुद्दे को तब उठाया जब आपकी सरकार उसके रुख को मोड़ दिया।
साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए लिखा, ट्वीट से पहले टीम को बोलो चेक करें। गौरतलब है की राहुल गांधी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन दिए जाने के फैसले को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला किया था। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ”सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह दलील देकर हर महिला का अपमान किया है कि महिला सैन्य अधिकारी कमान मुख्यालय में नियुक्ति पाने या स्थायी सेवा की हकदार नहीं हैं क्योंकि वे पुरुषों के मुकाबले कमतर होती हैं।”
उन्होंने कहा, ” मैं बीजेपी सरकार को गलत साबित करने और खड़े होने के लिए भारत की महिलाओं को बधाई देता हूं। दरअसल, सैन्य बलों में लैंगिक भेदभाव खत्म करने पर जोर देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सेना में महिला अधिकारियों के कमान संभालने का मार्ग प्रशस्त कर दिया और केंद्र को निर्देश दिया कि तीन महीने के भीतर सारी महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन दिया जाये।
न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार की इस दलील को विचलित करने वाला और समता के सिद्धांत के विपरीत बताया जिसमें कहा गया था कि शारीरिक सीमाओं और सामाजिक चलन को देखते हुए कमान पदों पर नियुक्ति नहीं की जा रही है। पीठ ने कहा कि महिला अधिकारियों ने पहले भी देश का सम्मान बढ़ाया है और उन्हें सेना पदक समेत कई वीरता पदक मिल चुके हैं।