कांग्रेस के लिए संकटमोचन साबित होंगे रणनीतिकार प्रशांत किशोर? बोले- पार्टी को मरने नहीं दिया जा सकता

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देश की राजनीति में कांग्रेस अब अपने खत्म की ओर तेजी से बढ़ती जा रही है, इस बीच यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी की स्थिति को बचने के लिए प्रशांत किशोर सहारा बनकर आएंगे।

देश की राजनीति में सबसे पुरानी पार्टी कही जाने वाली कांग्रेस अब अपने खत्म की ओर तेजी से बढ़ती जा रही है। इस बीच यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी की स्थिति को बचने के लिए प्रशांत किशोर सहारा बनकर आएंगे। इसके बीच रणनीतिकार ने कहा कि “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को मरने नहीं दिया जा सकता यह केवल राष्ट्र के साथ ही मर सकती है।” इस तरह चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं के साथ अपनी बैठकों में अपनी हालिया प्रस्तुति शुरू की। 
प्रशांत किशोर ने कांग्रेस नेतृत्व के सामने रखा अपना प्लान 
महात्मा गांधी के शब्दों ने सबसे पुरानी पार्टी की गंभीर स्थिति को दर्शाया, बार-बार हार के बाद कांग्रेस का लड़खड़ाता जहाज अब अपने खोए हुए गौरव को वापस पाने के लिए एक ठोस योजना पर निर्भर है। इसके लिए पार्टी नेतृत्व ने प्रशांत किशोर से सुझाव मांगे हैं। बता दें कि रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के पुनरुद्धार का खाका पेश किया था।
प्रशांत किशोर ने देश के राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस की वर्तमान स्थिति को उसकी सांख्यिकीय ताकत और कमजोरियों पर विशेष ध्यान दिया। 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए किशोर ने भारत की आबादी, कांग्रेस सांसदों और विधायकों की संख्या, महिलाओं, युवाओं, छोटे व्यापारियों और किसानों के प्रति पार्टी के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। बताते चलें कि प्रशांत किशोर ने 2024 में पहली बार 13 करोड़ मतदाताओं के महत्व पर भी ध्यान केंद्रित किया।
1984 के बाद से घटा कांग्रेस का वोट प्रतिशत 
प्रशांत किशोर ने कांग्रेस नेतृत्व को याद दिलाया की लोकसभा और राज्यसभा में कांग्रेस के सिर्फ 90 सांसद थे और देश में 800 विधायक थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तीन राज्यों में सत्ता में थी, जबकि वह तीन और राज्यों में गठबंधन सरकारों का हिस्सा थी। यह 13 राज्यों में मुख्य विपक्ष है। उन्होंने कांग्रेस को याद दिलाया कि 1984 के बाद से उसका वोट प्रतिशत घट रहा था।
प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को दी बहुत अहम सलाह
राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस की स्थिति को सुधरने की कोशिश में रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पार्टी को कई सुझाव दिए हैं, उन्होंने कहा कहा कि कांग्रेस को अपने नेतृत्व संकट को हल करने की जरूरत है। इसके साथ ही गठबंधन के मुद्दों को हल करने में भी अहम ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है उन्हें अपने पिछले आदर्शों पर लौटना चाहिए। कांग्रेस को जमीनी स्तर पर अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को लामबंद करना होगा। इसके साथ ही पार्टी को अपनी संचार प्रणाली में सुधार करने की बहुत ज्यादा जरूरत है। अब देखना यह है कि क्या रणनीतिकार प्रशांत किशोर बचा पाएंगे कांग्रेस का अस्तित्व?

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