इन तीन हत्याकांड के दोषियों की जल्द हो सकती है रिहाई

Summary :

देश को झकझोर देने वाले तीन प्रमुख हत्याकांड के दोषियों के लिए गुरुवार का दिन अहम साबित हो सकता है। जेसिका लाल हत्याकांड, नैना साहनी की हत्याकांड

देश को झकझोर देने वाले तीन प्रमुख हत्याकांड के दोषियों के लिए गुरुवार का दिन अहम साबित हो सकता है। जेसिका लाल हत्याकांड, नैना साहनी की हत्याकांड और प्रियदर्शिनी मट्टू के रेप और हत्या के मामले में सजा काट रहे दोषियों की किस्मत पर सजा समीक्षा बोर्ड कल अहम निर्णय सुना सकती है।

सूत्रों के अनुसार , सजा समीक्षा बोर्ड (एसआरबी) की गुरुवार को बैठक होगी और इसमें संतोष सिंह, मनु शर्मा और सुशील शर्मा सेत करीब सौ से ज्यादा कैदियों की किस्मत पर फैसला किया जाएगा। 24 जून को हुई पिछली एसआरबी की बैठक के दौरान भी संतोष सिंह और मनु शर्मा का नाम था लेकिन बोर्ड ने इन नामों पर विचार अगली सुनवाई तक के लिए टाल दी थी।

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संतोष सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से सज़ा देने के बाद वे साल 2006 से ही जेल के अंदर हैं। साल 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी फांसी की सजा को उम्रकैद की सजा में तब्दील कर दी गई थी। जबकि, मनु शर्मा को मॉडल मॉडल जेसिका लाल मर्डर केस में उम्रकैद की सजा दी गई है। तो वहीं, सुशील शर्मा को नैना साहनी तंदूर हत्या केस में साल 2006 में बी उम्रकैद की सजा दी गई थी।

गौरतलब है कि 2 जुलाई, 1995 को कांग्रेस नेता सुशील शर्मा ने अवैध संबंधों के शक में पत्नी नैना साहनी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने नैना के शव को दिल्ली के एक होटेल में तंदूर में जलाने की कोशिश की थी। इस दौरान मामला खुल गया और पुलिस ने तंदूर से नैना का अधजला शव बरामद किया था। इसके बाद लंबी कानूनी लड़ाई में अदालत ने सुशील शर्मा को फांसी की सजा सुनाई फिर सुप्रीम कोर्ट ने सजा को उम्रकैद में बदल दिया।

बता दे कि दिल्ली के गृह मंत्री की अध्यक्षता वाली समिति में प्रमुख सचिव (गृह), प्रमुख सचिव (विधि), महानिदेशक (जेल), संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध), मुख्य परिवीक्षा अधिकारी और एक जिला सदस्य, सदस्य के तौर पर शामिल होते हैं।

Desk Team