Supreme Court के फैसले से भी नहीं निकला हिजाब विवाद का हल, जानिए किन देशों ने लगाए हैं बुर्के पर प्रतिबंध

Summary :

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद भी कर्नाटक के कॉलेज से उठा हिजाब विवाद अभी जारी है।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद भी कर्नाटक के कॉलेज से उठा हिजाब विवाद अभी जारी है। दो जजों की पीठ ने कल अपना फैसला सुनाया। दोनों ने इस मुद्दे पर अलग-अलग राय दी है। अब इस मामले को तीन जजों वाली पीठ को भेजा जाएगा। वहीं, दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां बरसों पहले ही हिजाब पहनने या पूरा चेहरा ढकने पर रोक लगा दी गई थी। कुछ देशों में तो नियमों के उल्लंघन पर मोटे जुर्माने का भी प्रावधान है।

1 . बेल्जियम

बेल्जियम में जुलाई 2011 में हिजाब पर प्रतिबंध लगाया गया। प्रतिबंध को रद्द करने के लिए एक याचिका भी दायर की गई थी, लेकिन दिसंबर 2012 में बेल्जियम की संवैधानिक अदालत ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि इससे मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं हो रहा है।
2 . अफ्रीका
चाड, कैमरून के उत्तरी क्षेत्र, नीजेर के कुछ क्षेत्रों और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर सरकार ने हिजाब या चेहरा ढकने पर 2015 से रोक लगा रखी है। आतंकी संगठन बोको हरम द्वारा किए गए बम हमले में 34 लोगों की मौत के बाद सरकार ने यह कदम उठाया था।
3  . नीदरलैंड्स
नवंबर 2016 में नीदरलैंड्स के सांसदों ने हिजाब पर रोक लगाने का समर्थन किया था। हालांकि, प्रतिबंध को लेकर कानून बनने के लिए बिल का संसद में पास होना जरूरी था। बाद में जून 2018 में सरकार ने देश में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया।
4  . फ्रांस
फ्रांस हिजाब पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला यूरोपीय देश है। वहां वर्ष 2004 में स्कूलों में धर्म को परिभाषित करने वाले कपड़ों के पहनने पर रोक लगाई गई। सरकार ने 2011 में सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाया। फ्रांस में हिजाब पहनने या पूरा चेहरा ढकने पर करीब 13 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। महिला को हिजाब पहनने या चेहरा ढकने के लिए बाध्य करने वाले पर करीब 26 लाख रुपये के जुर्माना का प्रावधान है।
5 . इटली
इटली के कुछ शहरों में हिजाब पर प्रतिबंध है। इसमें नोवारा शहर भी शामिल है। इटली के लोंबार्डी क्षेत्र में दिसंबर 2015 में हिजाब पर प्रतिबंध को लेकर सहमति बनी और यह जनवरी 2016 से लागू हुआ।
6 – चीन 
शी जिनपिंग सरकार ने स्कूलों में हिजाब पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। धार्मिकता को परिभाषित करने वाले पहनावे के साथ स्कूली और सरकारी कार्यालयों में प्रवेश की अनुमति नहीं है।
7. डेनमार्क
वर्ष 2017 में डेनमार्क में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने और हिजाब पहनने पर रोक लगाई गई। चेहरा ढकने पर करीब 12 हजार रुपये का जुर्माना है। दोबारा पकड़े जाने पर करीब 85 हजार रुपये देने पड़ते हैं।

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