PM मोदी के दसवे स्वतंत्रता दिवस के भाषण में ये थी सबसे बड़ी बात, 9 साल में में हुआ देश का इतना कल्याण

Summary :

देश को गुलामी से आज़ाद हुए 76 वर्ष हो गए हैं। 15 अगस्त के दिन हमारे देश ने अपना 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। हर बार की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर आकर देश को संबोधित किया और करोड़ों लोगों के सामने 9 सालों का जिक्र किया।

देश को गुलामी से आज़ाद हुए 76 वर्ष हो गए हैं। 15 अगस्त के दिन हमारे देश ने अपना 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। हर बार की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर आकर देश को संबोधित किया और करोड़ों लोगों के सामने 9 सालों का जिक्र किया। जिसमें भारत ने विकसित देशों को भी पीछे छोड़ दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाले हजार सालों की भी रणनीति तैयार कर ली है। इस बार लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी ने 90 मिनट का भाषण दिया। यह उनके 10 सालों में दूसरा सबसे बड़ा भाषण था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2023 में रह कर साल 3023 का जिक्र कर दिया। उन्होंने आने वाले हजार सालों की भी नींव रखने की बात कही। हर बार की तरह इस बार भी देश वासियों को इंतजार था कि उनके प्रधानमंत्री फिर से लाल किला पर आकर झंडा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे।
आऊंगा तो मैं ही -पीएम मोदी 
पीएम मोदी ने अपने इस भाषण के दौरान साल 2024 का भी जिक्र किया है। पीएम मोदी ने कहा कि अगले साल वह फिर 2024 में लाल किले पर आकर झंडा फहराएंगे।  लेकिन विपक्ष लगातार 11वीं बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाल किले की भूमि पर भाषण देने जाने से रोकने के अनेक-अनेक दावे करने लगा है। इस भाषण के दौरान पीएम मोदी ने साल 2024 का भी जिक्र किया, जिसमें  उन्होंने बताया कि “आऊंगा तो मैं ही”। पीएम मोदी ने कहा कि परिवर्तन का वादा मुझे यहां लेकर आया है उसके बाद उन्होंने बोला कि अगले 5 साल अभूतपूर्व विकास के हैं। साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में परिवर्तन का वादा लेकर आए थे उन्होंने इस 5 साल के दौरान जनता का विश्वास जीता, जनता के लिए काम किया। बता दें की इस बार भाषण का शुरुआत करने से पहले उन्होंने देश का सम्बोधन करते हुए कहा की मेरे प्यारे परिवारवासियों।  
पीएम मोदी ने विपक्ष की छुड़ाए पसीने 
पीएम मोदी ने इस अमृत कल महोत्सव पर भाषण देते हुए जनता से कई वादे किये  और कई उपलब्धियां के बारे में भी चर्चा की । इस चर्चा के दौरान कई परिवर्तन देखे गए।  जिसमें  परिवार वासियों शब्द से लेकर परिवार जन शब्द का 48 बार प्रयोग किया गया था। पीएम मोदी ने अपने देशवासियों को अबकी बार प्यारे परिवारवासियों कहकर लेकर पुकारा। 9 साल सरकार चलाने के बाद प्रधानमंत्री 15 अगस्त के दिन बोलने आए तो उन्होंने विपक्ष की भी बोलती बंद कर दी। उन्होंने बताया कि आज मेरे देश के लोकतंत्र में एक ऐसी विकृति आई है जो कभी भारत के लोकतंत्र को मजबूती नहीं दे सकती। उन्होंने परिवार वादी पार्टियों का शब्द इस्तेमाल करते हुए विपक्ष पर कड़ा निशाना साधते हुए कहा की पार्टी ऑफ द फैमिली, बाय द फैमिली एंड फॉर द फैमिली इनका तो यही जीवन मंत्र है। उन्होंने बताया कि उनका राजनीतिक दल परिवार का है परिवार के द्वारा है और परिवार के लिए है , यह लोकतंत्र को मजबूत नहीं करेगा।

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