देश में कोरोना वायरस संक्रमण ने बहुत कहर परपाया और फिलहाल इसका कहर नियंत्रण में है। कोरोना वायरस ने सभी प्रकार से प्रभावित किया है, ऐसे में छात्रों की परीक्षा से लेकर उसके परिणाम तक को घोषित करने में देरी हो रही है, जिससे जाहिर तौर बच्चों के भविष्य पर असर पड़ेगा।
वहीं, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बुधवार को स्कूलों के 12वीं कक्षा के परिणाम को अंतिम रूप देने के लिए समय-सीमा 25 जुलाई तक बढ़ा दी। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने यह जानकारी दी। इससे पहले समय-सीमा 22 जुलाई थी। भारद्वाज ने कहा कि परीक्षा परिणाम तैयार करने में लगे शिक्षक तनाव में हैं।
वहीं, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बुधवार को स्कूलों के 12वीं कक्षा के परिणाम को अंतिम रूप देने के लिए समय-सीमा 25 जुलाई तक बढ़ा दी। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने यह जानकारी दी। इससे पहले समय-सीमा 22 जुलाई थी। भारद्वाज ने कहा कि परीक्षा परिणाम तैयार करने में लगे शिक्षक तनाव में हैं।
उन्होंने एक सरकारी आदेश में कहा, ‘‘परीक्षा परिणाम तैयार करने की अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ ही शिक्षक तनाव में आ रहे हैं और त्रुटियां कर रहे हैं। वे सीबीएसई को इन गलतियों को सही करने के लिए अनुरोध भेज रहे हैं। सीबीएसई इस लिहाज से स्कूलों और शिक्षकों के सामने आ रहीं समस्याओं से भलीभांति वाकिफ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसे देखते हुए सीबीएसई ने अंतिम तारीख 22 जुलाई से बढ़ाकर 25 जुलाई करने का फैसला किया है।’’
कोविड-19 की दूसरी लहर के मद्देनजर बोर्ड परीक्षाएं निरस्त कर दी गयी थीं और स्कूलों को दसवीं और 12वीं कक्षाओं के लिए सीबीएसई द्वारा घोषित अलग वैकल्पिक मूल्यांकन नीति का इस्तेमाल करते हुए परीक्षा परिणाम तैयार करने का काम सौंपा गया। हालांकि सीबीएसई ने यह स्पष्ट नहीं किया कि स्कूलों के लिए समय-सीमा बढ़ाने से परिणाम घोषित करने में देरी होगी या नहीं जो 31 जुलाई तक घोषित किये जाने हैं।


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