पटना राष्ट्रीय लोक जनता दल की विरासत बचाओ नमन यात्रा की वजह से जदयू में भगदड़ मची हुई है. प्रदेश से लेकर प्रखंड स्तर के नेताओं ने जदयू छोड़ कर रालोजद की सदस्यता ले ली है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने उन्हें रालोजद की सदस्यता दिलाई. पार्टी नेता फजल इमाम मल्लिक ने यहां यह जानकारी दी है. विरासत बचाओ नमन यात्रा के दौरान शनिवार को गया में दर्जनों नेताओं ने पार्टी की सदस्यता ली. मल्लिक ने बताया कि जदयू नेताओं ने कुशवाहा और पार्टी की नीतियों से प्रेरित हो कर रालोजद की सदस्यता ग्रहण की. जदयू के अलावा दूसरे दलों के कई नेताओं ने भी रालोजद और कुशवाहा के संघर्ष पर आस्था प्रकट करते हुए रालोजद में शामिल हुए.
मल्लिक ने बताया कि शनिवार को विरासत बचाओ नमन यात्रा की शुरुआत कुशवाहा ने गया से की. कुजापी में जनसभा को संबोधित करने के बाद वे औरंगाबाद जिले के गोह पहुंचे. गोह में उन्होंने पार्टी कार्यालय का उद्घाटन किया. कार्यालय के उद्घाटन के बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम उस विरासत की बात करने आए हैं. जिस विरासत को आगे ले चलने का दायित्व बिहार भर के लोगों ने 2005 में बड़ी कुर्बानी देकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंपा था. नीतीश कुमार जी ने अपने हाथों में बिहार का दायित्व लिया इतना अच्छा कार्य उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान किया कि बिहार याद रखेगा. लेकिन अब वे विरासत उन हाथों में ही सौंपने की बात कर रहे हैं जिन्होंने बिहार को अराजकता और अंधेरे में ढकेल दिया था. लेकिन हमने नीतीशजी से कहा कि आपको जदयू को गिरवी रखना है राजद के पास तो रखें, लेकिन बिहार को हम गिरवी रखने नहीं देंगे. इसके बाद हमने अपनी राह अलग कर ली. बाद में वे दाउदनगर होते हुए डेहरी पहुंचे और अब्दुल कयूम अंसारी की स्मृति में आयोजित सभा को संबोधित किया. डेहरी से वे सासाराम पहुंचे और शहीद निशांत सिंह के स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित कर सभा को संबोधित किया.
मल्लिक के मुताबिक रविवार को श्री कुशवाहा सासराम से आगे बढ़ाएंगे और नोखा-बिक्रमगंज होते हुए जगदीशपुर और चंदवा पहुंच कर वीर कुंवर सिंह बाबू जगजीवन राम के स्मारक पर माल्यार्पण कर सभाओं को संबोधित करेंगे.


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