साल 2024 के लोकसभा चुनाव का शंखनाद बज चुका है। जिस वजह से देश भर में राजनीतिक पार्टियां सक्रीय नज़र आ रही है। लेकिन 2024 के चुनाव से पहले ही यूपी की सियासी गलियों में एक बड़ा भूचाल देखने को मिलेगा। जो उत्तर-प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत इंडिया गठबंधन के लिए भी किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है। 7 अगस्त सोमवार के दिन राज्यसभा में कुछ ऐसा हुआ जिसके बाद ही गठबंधन इंडिया की मुश्किलें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
वोटिंग के दौरान सदन में नहीं थे सांसद जयंत चौधरी
दिल्ली में सोमवार के दिन सेवा बिल पास किया गया। जिसमें बिल पास होने से पहले सदन में बड़ी बहस देखि गयी। जहां इस बिल को लेकर बहस के बाद , वोटिंग हुई। और इसी दौरान सपा के सहयोगी और राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष, राज्यसभा सांसद जयंत चौधरी ने कुछ ऐसा किया जिससे आने वाले समय में सपा पार्टी को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। जी हाँ दिल्ली सेवा बिल पर वोटिंग के दौरान सांसद जयंत चौधरी मौजूद नहीं थे। जयंत चौधरी ने बिल पर वोटिंग नहीं की। लेकिन अब सवाल ये उठता है की वो वोटिंग के दौरान सदन में क्यों नहीं थे?
बीजेपी के साथ रिश्ता जोड़ रहे हैं जयंत चौधरी!
बीजेपी इंडिया को मजबूती दिखाने के वक़्त जयंत चौधरी अपने गठबंधन इंडिया के साथ मौजूद ही नहीं थे और अब इस बात को लेकर हर तरफ चर्चा की जा रही है। सवाल किये जाने पर जयंत चौधरी के करीबी ने बताया की आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी को कुछ जरूरी काम था जिसकी वजह से वो वोटिंग के दौरान सभा में उपस्तिथ नहीं थे। लेकिन ये जवाब किसी को समझ नहीं आ रहा। रिपोर्ट की माने तो जयंत चौधरी अभी इस वक़्त बीजेपी के संपर्क में है। उन्होंने 5 सीटों की मांग की है, लेकिन बीजेपी सरकार उन्हें सिर्फ 3 सीटें ही देना चाहती है। इससे पहले जयंत चौधरी इंडिया गठबंधन की पहली बैठक में भी मौजूद नहीं थे।


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