इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण को लेकर फैसला सुनाया है। बता दें कि कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को लेकर हरी झड़ी दे दी है, ज्ञानवापी परिसर में सर्वे जारी रहेगा, इस फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। वज़ुख़ाना में एक संरचना है जिसके बारे में दावा किया जाता है कि यह एक शिवलिंग है।
ज्ञानवापी परिसर को लेकर क्या की गई थी मांग जानिए
इस बीच, ज्ञानवापी परिसर में प्लॉट संख्या 9130 को सील करने की मांग को लेकर बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई, जनहित याचिका में कहा गया है कि गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए ताकि सर्वेक्षण में पाए गए प्रतीकों त्रिशूल, कमल और स्वास्तिक को नुकसान न पहुंचे। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें मांग की गई है कि ज्ञानवापी परिसर में प्लॉट संख्या 9130 को सील किया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई सर्वे पर लगाई थी रोक
इससे पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वेक्षण शुरू नहीं करने के लिए कहा था क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एएसआई द्वारा विस्तृत वैज्ञानिक सर्वेक्षण पर 26 जुलाई शाम 5 बजे तक रोक लगाने के बाद मामले पर सुनवाई चल रही थी। यह निर्धारित करने के लिए कि क्या वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में स्थित मस्जिद एक मंदिर के ऊपर बनाई गई थी।


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