भदोही : भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बलिया से भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह ‘मस्त’ ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ देश में जगह-जगह हो रहे धरना प्रदर्शनों को लेकर कहा कि देश में सीएए और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन केवल कम्युनिस्ट विचारधारा के बचे हुए अवशेष, देश में बने कानूनों के खिलाफ विदेशी पैसों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
साथ ही संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कम्युनिस्ट विचारधारा के बचे-खुचे लोगों द्वारा विदेशी धन से प्रदर्शन करने को घातक कवायद बताते हुए कहा कि इन आंदोलनों का प्रभाव देश के लिए घातक होगा और इससे देश में अच्छा संदेश नहीं जा रहा है। सिंह ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में सीएए और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) के खिलाफ देश में विभिन्न स्थानों पर जारी विरोध प्रदर्शनों के संबंध में सवाल करने पर उक्त बात कही।
सिंह ने कहा कि आजादी के पहले की कांग्रेस देश को आज़ाद करने वाली संस्था थी। उस वक्त मुस्लिम लीग के नेता मोहम्मद अली जिन्ना कांग्रेस को हिन्दुओं की पार्टी बताते थे। ठीक उसी तरह सोनिया गांधी की अगुवाई वाली वर्तमान कांग्रेस सहित कम्युनिस्ट, सपा, बसपा और तृणमूल कांग्रेस के लोग केन्द्र की मौजूदा सरकार को हिन्दुओं की सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को हिंदुओं का नेता बता कर जिन्ना की भाषा बोलते हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, सीएए लाने और अदालत के फैसले के बाद राम मंदिर बनाने के मुद्दों को शामिल किया था। इसी पर सरकार को बहुमत मिला। जनतंत्र में सभी दलों को जनादेश का आदर करना चाहिये। सिंह ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र पर अमल कर राजनीतिक क्षेत्र में पैदा हुए विश्वास के संकट को खत्म करने का प्रमाण दे दिया है।


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