अयोध्या मामले में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के निर्णय पर बसपा सांसद अफजल अंसारी ने कहा कि सर्वसम्मति से दिए गए न्यायालय के फैसले पर आपत्ति नही होनी चाहिए।
गाजीपुर से बहुजन समाज पार्टी के सांसद अंसारी ने कहा कि मुस्लिम रहबर एवं रहनुमा बोलते रहे हैं कि अयोध्या मामले पर वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे तो फिर किसी को भी न्यायालय के फैसले पर अब आपत्ति नही होनी चाहिये। उनसे बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी के बयान कि 99 फीसदी मुसलमान पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के पक्ष में हैं तथा न्यायालय के फैसले से न्यायपालिका में भरोसा कमजोर हुआ है के बारे में पूछा गया तो बसपा सांसद ने कहा कि उनका व्यक्तिगत विचार है कि फैसले को स्वीकार किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह अपने विचार किसी पर थोप नहीं रहे हैं और न ही किसी के वक्तव्य का खंडन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या मामले पर पांच न्यायाधीशों की पीठ ने सर्वसम्मति से संविधान एवं कानून सम्मत फैसला दिया । यह दबंगई या जबर्दस्ती का फैसला नहीं है। अंसारी ने कहा कि दोनों पक्षों में समझौते से हल नहीं निकलने के बाद यह फैसला आया है जिसे स्वीकार किया जाना चाहिए।


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