अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के मामले में सियासत गर्मा गई थी और चंपत राय ने अपने पद से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया था और SIT इस मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि अब SIT ने जांच करके अपनी फाइनल रिपोर्ट तैयार कर दी है और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में माना जा रहा है कि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा को क्लीन चीट दे दी है।
SIT की फाइनल रिपोर्ट

13 जून को गठित की गई SIT की जांच में चढ़ावा चोरी, CCTV चेक, बयानों की जांच के आधार पर एक फाइनल रिपोर्ट तैयार कर दी है जिसमें चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा को क्लीन चिट मिल गई है। बता दें कि जांच के दौरान दोनों के काम पर संदेह उठा था और उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था लेकिन अब क्लीन चिट मिलने के बाद इन्हें बड़ी राहत मिली है और सूत्रों के अनुसार अब साफ है कि चंदा चोरी के मामले में दोनों का कोई रोल नहीं है। लेकिन जांच अभी भी जारी है।
FIR में 8 लोगों के नाम
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन ने 25 जून को लिखित में शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें 8 लोगों के नाम शामिल थे। FIR में लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश पांडे और राम शंकर यादव का नाम शामिल था। सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और धारा 13 (1) (ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
राम मंदिर में 70 बार चोरी!
चढ़ावा चोरी के मामले में विपक्ष ने भी लगातार आरोप लगाया और जांच के दौरान पहली रिपोर्ट में ही 27 अप्रैल 2026 से 5 जून 2026 तक के CCTV फुटेज खंगाले गए जिसमें 70 बार चोरी करते हुए कर्मचारी नजर आए साथ ही यह भी आरोप लगाया कि प्रवेश और एग्डिट गेट में चेकिंग भी नहीं होती थी। आरोपी की पुष्टि होने के बाद और विपक्ष के दबाव के चलते चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया था।


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