अपनी मांगो को पूरा करवाने के लिए या आत्महत्या की धमकी देने के लिए पानी की टंकी के इस्तेमाल की घटनाओं को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब टंकी की सीढ़ियों पर ताला लगाने और अनुपयोगी होने पर सीढ़ियां हटाने का फैसला किया है। यह फैसला इसी हफ्ते एक वकील और उसके परिवार द्वारा प्रयागराज में एक पानी की टंकी पर चढ़ने के बाद आया है।
यह परिवार 60 घंटों तक टंकी पर चढ़ा रहा था। वकील विजय प्रताप अपनी पत्नी, बेटे, बेटी और 2 रिश्तेदारों के साथ बेली इलाके में एक पानी की टंकी पर चढ़ गए और सरकार से जबरदस्ती अपनी मांगे पूरी करवाने की कोशिश करने लगे। साथ ही धमकी भी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वह अपने और अपने परिवार के सदस्यों पर पेट्रोल डालकर आग लगा लेंगे।
3 दिनों तक पूरे प्रशासन की नाक में दम करके रखने वाली इस घटना पर ध्यान देते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आर.के. तिवारी ने इस संबंध में सभी जिला मजिस्ट्रेटों को पत्र भेजा है। इसमें उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि पानी की टंकियों की सीढ़ियों को बंद कर दिया जाए और जो इस्तेमाल नहीं हो रहीं हैं, उन्हें तोड़ दिया जाए। उन्होंने इस मामले पर कार्रवाई के बाद रिपोर्ट भी मांगी है।
बता दें कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले पर कहा कि शोले की ये वीरू जैसी घटनाएं आए दिन हो रही हैं। पिछले हफ्ते, शाहजहांपुर में 5 किसान पानी की टंकी पर चढ़ गए और दावा किया कि वे खरीदी केंद्र पर अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। पानी की टंकियां प्रशासन को उनकी मांग को मानने के लिए मजबूर करती हैं और पूरे प्रशासन को खूंटी पर रखती हैं। ऐसी घटनाएं रुकनी चाहिए।


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