उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव है और कांग्रेस अपनी तरफ से चुनावों को लेकर पूरी तैयारी कर रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी यूपी में धुआंधार रैलियां करेंगी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के अभियान ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ के तहत कांग्रेस 4 जनवरी को बरेली में, 5 जनवरी को आजमगढ़ में, 6 जनवरी को बनारस में, 7 जनवरी को कानपुर, 8 जनवरी को प्रयागराज व नोएडा में मैराथन रैली कराने जा रही है।
चुनाव में महिला शक्ति पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं कांग्रेस
बनारस में होने वाली ये मैराथन सिंहद्वार से शुरू होकर रविंद्रपुरी, भेलूपुर, कमच्छा होते हुए यह मैराथन सिगरा स्थित शहीद उद्यान पर समाप्त होगी, जिसके बाद विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महिला शक्ति पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। इससे पहले वे कह चुकी हैं कि कांग्रेस जाति और धर्म की राजनीति में विश्वास नहीं करती और अपने अभियान में निष्पक्ष जेंडर पर ध्यान रखा है और महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट का वादा किया है।
सपा के गढ़ में करेंगी सेंधमारी
प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में महिला रैलियों को संबोधित करने वाली हैं। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी (सपा) की मजबूत गढ़ फिरोजाबाद में मैराथन करने की तैयारी में हैं। सभी क्षेत्रों में प्रियंका गांधी वाड्रा ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान को संबोधित करेंगी, जो महिला मतदाताओं के बीच जोर पकड़ रहा है और पार्टी को लगता है कि यह आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों में गेमचेंजर हो सकता है।
17वीं विधानसभा का कार्यकाल 15 मई तक है
कई महीने पहले से ही कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी में है। 403 सीटों वाली इस 18वीं विधानसभा के लिए ये चुनाव फरवरी से अप्रैल के बीच हो सकते हैं। 17वीं विधानसभा का कार्यकाल 15 मई तक है। 17वीं विधानसभा के लिए 403 सीटों पर चुनाव 11 फरवरी से 8 मार्च 2017 तक 7 चरणों में हुए थे। इनमें लगभग 61 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
बीजेपी ने 312 सीटें जीतकर पहली बार यूपी विधानसभा में तीन चौथाई बहुमत हासिल किया
इनमें 63 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं थीं, जबकि पुरुषों का प्रतिशत करीब 60 फीसदी रहा। चुनाव में बीजेपी ने 312 सीटें जीतकर पहली बार यूपी विधानसभा में तीन चौथाई बहुमत हासिल किया। वहीं अखिलेश यादव की अगुवाई में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन 54 सीटें जीत सका। इसके अलावा प्रदेश में कई बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती की बीएसपी (बहुजन समाज पार्टी) 19 सीटों पर सिमट गई। इस बार सीधा मुकाबला समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच है।
भाजपा योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को आगे कर चुनाव लड़ रही है लेकिन कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी खोई जमीन तलाशने में जुटी है। ऐसे में प्रियंका गांधी महिला वोटरों के सहारे चुनावी मैदान में हैं और पार्टी की ओर से अधिक से अधिक सीटें जीतने की उम्मीद लगाई जा रही है। वहीं चुनाव आयोग भी स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ बैठक करने और प्रदेश का दौरा करने के बाद जनवरी के पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावों का ऐलान कर सकता है।


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