भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य प्रो. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने यहां कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण इसी वर्ष शुरू हो जाएगा और उसके बाद मथुरा व काशी में भगवान कृष्ण व शिव के मंदिरों के निर्माण का नंबर आएगा।
स्वामी आपातकाल लागू होने की 44वीं बरसी पर यहां एक निजी कॉलेज में लोकतंत्र रक्षक सेनानी समिति द्वारा मंगलवार को आयोजित सेमिनार को संबोधित करने पहुंचे थे। संवाददाताओं से मुलाकात में उन्होंने कहा, ‘दरअसल राम मंदिर निर्माण के मसले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाकर ही गलती की। जब वह जमीन सरकार के ही नियंत्रण में है तो उसे राम मंदिर के लिए दे देना चाहिए था। मंदिर निर्माण का रास्ता आसानी से खुल जाएगा। मैंने सरकार को भी यही रास्ता सुझाया है। यह एक सही और आसान उपाय है।’
उन्होंने कहा, ‘जो जमीन विवादित है, उस पर बाद में निर्णय आता रहेगा कि कौन उसका मालिक है। इस साल राम मंदिर का निर्माण जरूर शुरू होगा। चाहे कुछ भी हो जाए। साल में अब भी छह माह बाकी हैं। सरकार जमीन दे दे, तो काम भी तुरंत ही शुरू हो जाएगा। सभी कुछ प्री-फैब्रिकेटेड है। यानि मंदिर में लगने वाले पत्थर और डिजायन तैयार हैं। दो वर्ष में राम मंदिर बन जाएगा।’
स्वामी ने कहा, ‘इसके बाद अब मथुरा में स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और उससे जुड़े शाही ईदगाह विवाद को समाप्त किया जाना है। यह अयोध्या के मामले से अलग है। यह बहुत आसान है। यहां तो ईदगाह पहले से ही एक एग्रीमेंट के तहत वजूद में है।’


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