लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को हिंसा में मारे गए 4 किसानों की श्रद्धांजलि देने जा रहे राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अध्यक्ष जयंत चौधरी को बरेली हवाई अड्डे पर रोक लिया। इसके विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियो के मंत्रणा के बाद करीब 45 मिनट बाद उन्हें रवाना किया गया।
अपरिहार्य कारणों से जयंत चौधरी को बरेली हवाई अड्डे पर 45 मिनट तक रोका गया था
अपर जिलाधिकारी (नगर) महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अपरिहार्य कारणों से जयंत चौधरी को बरेली हवाई अड्डे पर 45 मिनट तक रोका गया था। पूरी तरह स्थिति स्पष्ट होने पर उन्हें गंतव्य के लिए रवाना किया गया। शर्त यह थी की केवल वह सुरक्षा कर्मियों के साथ लखीमपुर जा सकते है। जिस समय चौधरी को रोका गया, बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवाण भी मौके पर मौजूद थे।
किसानों के परिवारों के साथ देश की भावना जुडी हुई है
चौधरी को हवाई अड्डे पर रोके जाने की जानकारी पर पार्टी कार्यकर्ता हवाई अड्डे के गेट पर धरने पर बैठ गए और हंगामा काटने लगे।इस बीच चौधरी ने कहा कि लखीमपुर के किसानों के परिवारों के साथ देश की भावना जुडी हुई है। उनकी अंतिम अरदास में शामिल होने और उनको श्रद्धांजलि देने के लिए जा रहा हूँ। पुलिस प्रशासन ने मुझे ही नहीं बल्कि दिल्ली जा रहा हु। आये तमाम यात्रियों को आधे घंटे से ज्यादा समय तक रोके रखा और परेशान किया।
सरकार तानाशाह हो गयी है, सरकार लखीमपुर में हुए नरसंहार से सबका ध्यान हटाना चाहती है
जंयत चौधरी ने कहा कि सरकार तानाशाह हो गयी है। सरकार लखीमपुर में हुए नरसंहार से सबका ध्यान हटाना चाहती है। उन्होंने आरोप लगया कि मंत्री खुले आम घूम रहे है, जिन्होंने बार बार झूठ बोला की गाड़ पलटी,उसमें किसान मारे गए उनपर उपद्रव हुआ, गलत बयानबाजी हुई मंत्री द्वारा,वह चाहते है कि केस को किसी तरह दबा दिया जाए।7 वह खुद गृह राज्य मंत्री है। उनका विभाग उनके बेटे की जांच कैसे कर लेगा। उन्होंने 302 के मुकदमे होने पर गृह मंत्री बनाने पर सवाल उठाते हुए अजय मिश्रा की बर्खास्तगी की मांग की है।


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