उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में स्थित भारतीय तेल निगम के तेलशोधक कारखाने के ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) में मंगलवार को पाइप वेल्डिंग के दौरान वहां मौजूद पेट्रोलियम पदार्थों के कचरे में आग लग गई। रिफाइनरी के अधिकारियों ने बताया कि घटना में चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।
इनमें से एक का इलाज रिफाइनरी के अस्पताल चल रहा है जबकि तीन अन्य को दिल्ली रेफर किया गया है। दुर्घटना में घायल हुए सभी मजदूर तोशिबा वाटर वर्क्स कंपनी की कांट्रैक्ट फर्म के कर्मचारी हैं। मथुरा रिफाइनरी की जन सम्पर्क अधिकारी डॉक्टर रेनू पाठक ने बताया, ‘‘मंगलवार को रिफाइनरी के डेढ़ माह के शट डाउन के दौरान ईटीपी यूनिट में पाइप वेल्डिंग का काम कर रहा था।
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दो कर्मचारी पाइप पर चढ़कर वेल्डिंग कर रहे थे। चार कर्मचारी उनकी सहायता के लिए नीचे मौजूद थे। वेल्डिंग के दौरान उसके गर्म शोले जमीन पर फैले पेट्रोलियम कचरे में गिरे और उनमें आग लग गई।’’ उन्होंने बताया कि तुरंत ही आपातकाल घोषित कर आग पर काबू पाया गया। झुलसे कर्मचारियों को पहले रिफाइनरी के अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के पश्चात एक कर्मचारी को छुट्टी दे दी गई।
तीन अन्य को पचास प्रतिशत से अधिक जल जाने की स्थिति में पहले मथुरा के नयति मेडिसिटी और फिर वहां से दिल्ली के सफदरजंग एवं अपोलो अस्पताल में रेफर किया गया है। पाठक ने बताया कि गंभीर रुप से घायल मजदूरों में धर्मपुरा निवासी पौहप सिंह, बबरौद निवासी गीतम सिंह व भैंसा गांव निवासी गिर्राज शामिल हैं।
गिर्राज वाटिका निवासी ओमप्रकाश, धनगांव निवासी रौहतान सिंह और पिपरौठ निवासी ओमप्रकाश का स्थानीय स्तर पर ही उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि रिफाइनरी प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।


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