उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में संगठन को लेकर मायावती काफी एक्टिव हो गई है। वो लगातार एक के बाद एक बड़े फैसले ले रही हैं। अब BSP ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपनी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। मायावती ने उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का बड़ा आरोप लगाते हुए यह कार्रवाई की है। इससे पहले मायावती ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ सहित कुछ अन्य नेताओं पर भी बड़ी कार्रवाई की है।
मायावती ने एक्स पर दी जानकारी
उत्तर प्रदेश में बी.एस.पी. सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे श्री अनन्त कुमार मिश्रा उर्फ अन्टू मिश्रा को उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों आदि के फलस्वरूप आज तत्काल प्रभाव से उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
वैसे भी अब जबकि ख़ासकर उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल काफी गरमाया…— Mayawati (@Mayawati) August 13, 2026
बसपा चीफ मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। इसके जरिए उन्होंने इस खबर की जानकारी दी है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “उत्तर प्रदेश में बी.एस.पी. सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे श्री अनन्त कुमार मिश्रा उर्फ अन्टू मिश्रा को उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों आदि के फलस्वरूप आज तत्काल प्रभाव से उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। वैसे भी अब जबकि ख़ासकर उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल काफी गरमाया हुआ है, पार्टी के सभी स्तर के लोगों को विरोधियों के सभी प्रकार के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों से सावधान रहते हुये अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ बी.एस.पी. के अम्बेडकरवादी मिशन को आगामी विधानसभा आमचुनाव में सफल बनाने में पूरे जी-जान से लगे रहना है, यही संदेश व अपील भी है।
पहले भी कई नेताओं पर कार्रवाई हो चुकी है
बता दें कि अनंत कुमार मिश्रा BSP सरकार में स्वास्थ्य मंत्री का पद संभाल चुके हैं। वह पार्टी के बेहद भरोसेमंद और दिग्गज नेताओं में से एक हैं। इतना ही नहीं वो नेता सतीश चंद्र मिश्रा के भांजे भी हैं। सियासी महकमें में यह दावा भी किया जा रहा है कि अंटू मिश्रा यूपी चुनाव से पहले किसी दूसरी पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं। हालांकि इसको लेकर उनकी तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। याद हो कि इससे पहले मायावती ने 2 अगस्त को रणधीर सिंह बेनीवाल और अशोक सिद्धार्थ को भी बसपा से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। दोनों पर भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगे थे। मायावती की इस सख्त रवैये को यूपी आगामी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। यह देखना बाकी है कि यूपी चुनावों में मायावती को इससे कितना फ़ायदा होता है।



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