बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर और उत्तरप्रदेश विधानसभा में बसपा विधायक दल के पूर्व नेता लालजी वर्मा के रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने के घंटे भर के भीतर ही त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने दावा किया कि उनकी पार्टी से निष्कासित किये गये लोगों को शामिल करने से सपा का जनाधार नहीं बढ़ेगा।
BSP के नेताओं को SP में शामिल करने से नहीं बढ़ेगा जनाधार
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को ट्वीट किया ”बसपा व अन्य विरोधी पार्टियों के भी निष्कासित किए गए लोगों को सपा में शामिल किये जाने से इस पार्टी का कुनबा व जनाधार आदि बढ़ने वाला नहीं है बल्कि इससे यह और भी घटता व कमजोर होता चला जाएगा।”
1. बी.एस.पी. व अन्य विरोधी पार्टियों के भी निष्कासित किए गए लोगों को सपा में शामिल किये जाने से इस पार्टी का कुनबा व जनाधार आदि बढ़ने वाला नहीं है बल्कि इससे यह और भी घटता व कमजोर होता हुआ ही चला जाएगा। 1/3
— Mayawati (@Mayawati) November 7, 2021
मायावती ने कहा,”सपा को यह मालूम होना चाहिये कि ऐसे स्वार्थी व दलबदलू किस्म के लोगों को लेने से, इनकी खुद की अपनी पार्टी में टिकटार्थी लोग अब बहुत गुस्से में हैं, जो अधिकांश बीएसपी (बसपा) के सम्पर्क में हैं। वैसे भी वे चुनाव में अन्दर-अन्दर इस पार्टी को काफी नुकसान पहुंचाने वाले हैं।”
मायावती की कार्यकर्ताओं से अपील- पार्टी के लोगों को टिकट देने में दिखाए प्राथमिकता
सिलसिलेवार ट्वीट में उन्होंने कहा कि बसपा के लोग दूसरी पार्टियों के विधायकों व अन्य लोगों के टिकट कटने पर उन्हें अपनी पार्टी से टिकट दिलवाने से जरूर परहेज करें तथा उनके स्थान पर अपनी पार्टी के लोगों को ही टिकट देने पर ज्यादा जोर दें। गौरतलब है कि बसपा के पूर्व नेता राम अचल राजभर और लालजी वर्मा ने रविवार को अंबेडकर नगर में आयोजित ‘जनादेश महारैली’ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ग्रहण की। उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के बाद मायावती ने दोनों नेताओं पर भीतरघात का आरोप लगाते हुए दल से बाहर कर दिया था।


Download Android App
Download iOS App



