आज राम मंदिर परिसर में ट्रस्ट की बड़ी बैठक, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला तय; SIT रिपोर्ट पर भी चर्चा

Summary :

मंदिर परिसर के मुख्य दरवाजे पर उत्तर प्रदेश पुलिस की अतिरिक्त तैनाती है। अंदर जाने वाले हर वाहन की जांच हो रही है। इसका कारण है कि आज के दिन ठीक दोपहर 3 बजे, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य बंद कमरों में पिछले 1 महीने से लगातार चल रही राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर बड़ी उठापटक चलने वाली है। यह पहली बार है जब ट्रस्ट की बैठक मणिराम दास छावनी के बजाय सीधे मंदिर परिसर के भीतर हो रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फैसला गोपनीयता बनाए रखने के लिए लिया गया। 2 बड़े इस्तीफे संभव मीडिया…

मंदिर परिसर के मुख्य दरवाजे पर उत्तर प्रदेश पुलिस की अतिरिक्त तैनाती है। अंदर जाने वाले हर वाहन की जांच हो रही है। इसका कारण है कि आज के दिन ठीक दोपहर 3 बजे, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य बंद कमरों में पिछले 1 महीने से लगातार चल रही राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर बड़ी उठापटक चलने वाली है।

यह पहली बार है जब ट्रस्ट की बैठक मणिराम दास छावनी के बजाय सीधे मंदिर परिसर के भीतर हो रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फैसला गोपनीयता बनाए रखने के लिए लिया गया।

2 बड़े इस्तीफे संभव

Champat Rai Ram Mandir Trust
Champat Rai Ram Mandir Trust (source : social media)

मीडिया जानकारी के अनुसार एजेंडे में सबसे ऊपर पूर्व महासचिव Champat Rai और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों को एक्सेप्ट करना है। दान में कथित हेरफेर के आरोपों के बाद दोनों ने 26 जून को पद छोड़ दिया था, जिसकी पुष्टि अगले दिन कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने की थी। इसके बाद यह उम्मीद जताई जा रही है आज इन दोनों के इस्तीफे लिए जा सकते हैं।

दोनों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया गया था। ट्रस्ट की गवर्निंग बॉडी दो-तिहाई बहुमत से इस पर अंतिम फैसला लेगी। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह सिर्फ प्रक्रिया नहीं है, ट्रस्ट की छवि का सवाल है। रिक्त पदों के लिए बजरंग बागड़ा और नीरज डौनेरिया के नामों की चर्चा है। निर्माण सलाहकार गोपाल राव को इस बैठक से बाहर रखा जा सकता है।

बंद कमरे में एसआईटी की रिपोर्ट

Trust Reshuffle
Trust Reshuffle (source : social media)

बैठक में विशेष जांच दल यानी SIT की वह शुरुआती रिपोर्ट भी रखी गई है, जो मंदिर की दान पेटियों से निकले चढ़ावे के हिसाब-किताब पर तैयार हुई है। परिसर के बाहर मीडियाकर्मियों का जमावड़ा है, लेकिन अंदर क्या चल रहा है, इसकी जानकारी बाहर नहीं आने दी जा रही।

जानकारी के अनुसार ट्रस्टी स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, युगपुरुष स्वामी परमानंद और कृष्ण मोहन सुबह ही अयोध्या पहुंच चुके थे। कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी और नृपेंद्र मिश्रा दोपहर बाद परिसर में दाखिल हुए। वरिष्ठ वकील के. परासरन दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े हैं।

पांच साल के खातों की दोबारा जांच

विवाद 7 जून को सामने आया था। शासन ने एसआईटी बनाई, जिसके बाद 25 जून को एफआईआर दर्ज हुई। अब तक दान की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

एसआईटी अब ट्रस्ट के पिछले पांच साल के खातों, नकद, सोने-चांदी और आभूषणों का री-ऑडिट कर रही है। चंपत राय और अनिल मिश्रा से पहले ही पूछताछ हो चुकी है। इस बीच, विपक्षी दलों ने ट्रस्ट के गठन से पहले जुटाए गए चंदे की भी पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग तेज कर दी है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।