त्रेतायुग में श्रीराम ने दुराचारी रावण के खिलाफ युद्ध लड़ा था और इसमें वो विजयी हुए। इसी तरह कलियुग में भी श्रीराम को एक युद्ध लड़ना पड़ा था। ये युद्ध था उनके अपने अस्तित्व का, ये युद्ध था जन्मभूमि के अधिकार का और श्रीराम इस युद्ध में भी विजयी हुए। लेकिन इस विजय के लिए उन्हें 500 वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सत्ता में नहीं होते तो अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं होती।सिंह ने रसड़ा के मथुरा डिग्री कॉलेज के मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर देश और राज्य का अपमान करने और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि अगर मोदी देश के प्रधानमंत्री नहीं होते तो अयोध्या में भगवान राम का मंदिर नहीं बनता। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में ईमानदार नेता सिर्फ भाजपा के पास ही हैं। सिंह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और नरेन्द्र मोदी जैसे नेता इसके उदाहरण हैं। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘लक्ष्मीजी’, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के हाथी, समाजवादी पार्टी (सपा) की साइकिल और कांग्रेस के हाथ के पंजे पर बैठकर नहीं आती हैं। लक्ष्मी कमल के फूल पर ही बैठकर आती हैं।’’


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