सावन शुरू है, मान्यता है कि इस माह में शिव भक्त मांस मछली से दूर रहते हैं। इसी बीच यूपी की राजनीति से एक बड़ी अजीबोगरीब खबर सामने आई है। यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले नेताओं की बयानबाजी शुरू है। इस बीच यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने एक विवादित और बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है। संजय निषाद ने सावन महीने में कहा है कि,”बिना लहसुन-प्याज की बनी मछली शाकाहारी है.” उन्होंने एक न्यूज़ चैनल पर एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। उनके इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल मचने की संभावना है।
संजय निषाद ने मछली को बताया शाकाहारी?
बता दें कि जब संजय निषाद ने यह बयान दिया तो बाकी लोग चुप रहे, जबकि खुद निषाद मुस्कुराते रहे। सावन में हिंदू समाज मांसाहारी खाना खाने से परहेज करता है। वहीं योगी सरकार का एक मंत्री खुद मछली को शाकाहारी बताया है। इतना ही नहीं संजय निषाद ने मछली को बताया कि यूपी सरकार और भारत के संविधान का निशान मछली, तीर और धनुष है। ये ही निषाद समाज का सिंबल है जिस पर हमें गर्व है।
कौन हैं संजय निषाद?
डॉ. संजय निषाद का यूपी की राजनीति में अहम योगदान है। संजय निषाद निषाद पार्टी के संस्थापक-अध्यक्ष हैं। उन्होंने 2016 में पार्टी की स्थापना की और निषाद समुदाय के आरक्षण सहित सामाजिक मुद्दों को सियासी मंच पर उठाया। गोरखपुर के कैंपियरगंज के रहने वाले संजय निषाद पेशे से होम्योपैथिक डॉक्टर हैं। वे अभी उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य हैं और योगी सरकार में मत्स्य पालन मंत्री हैं। उनके बेटे प्रवीण निषाद सांसद रह चुके हैं, जबकि सर्वण कुमार निषाद विधायक रह चुके हैं। संजय निषाद ने पूर्वांचल क्षेत्र में निषाद समुदाय के बीच अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ बनाई है। ऐसे में उनका मछली वाला बयान सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।



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