ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को केंद्र सरकार द्वारा ‘जेड’ श्रेणी का सुरक्षा कवर दिया गया है। विश्वसनीय सूत्रों ने कहा कि केंद्र ने हैदराबाद के सांसद की सुरक्षा की समीक्षा की और सीआरपीएफ को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा तत्काल प्रभाव से देने का फैसला किया। दरअसल, यह फैसला असदुद्दीन ओवैसी के काफिले पर हुए हमले के बाद लिया गया है।
असदुद्दीन ओवैसी ने दी थी हमले की जानकारी
असदुद्दीन ओवैसी ने हमले की जानकारी देते हुए कहा था कि “मैं किठौर, मेरठ (यूपी) में एक चुनावी कार्यक्रम के बाद दिल्ली के लिए जा रहा था। छाजरसी टोल प्लाजा के पास 2 लोगों ने मेरी गाड़ी पर 3-4 राउंड गोलियां चलाईं। वे कुल 3-4 लोग थे। मेरे वाहन के टायर पंक्चर हो गए, जिसके बाद मैं दूसरे वाहन से निकला। हमले का सीसीटीवी फुटेज भी जारी हुआ है।” बता दें कि ओवैसी की भाषण देने की शैली से हमलावार आहत थे, वे ओवैसी को कई दिनों से फॉलो कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक पूरी प्लानिंग के साथ किया गया हमला
उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा था कि इस घटना में शामिल 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके पास से एक पिस्तौल बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक इस वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग और प्लॉटिंग की गई थी, यह कोई अचानक की गई वारदात नहीं है। हमलावार ओवैसी पर हमला करने की ताक में बैठे थे और मेरठ से लौटते वक्त मौका मिलने पर उन्होंने ओवैसी पर गोली चला दी।
सुरक्षा लेने के मुद्दे पर ओवैसी ने कही यह बात
इसके साथ ही पुलिस ने बताया की गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, उनसे बात करने पर पता चलता है की वह दोनों बहुत कट्टर विचारधारा रखने वाले लोग हैं। ओवैसी ने निर्वाचन आयोग से घटना की स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। बताते चलें कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। बता दें कि इससे पहले ओवैसी ने सुरक्षा लेने से इंकार किया था और कहा कि साल 1994 में पहली बार विधान सभा का चुनाव जीतकर एमएलए बना था, लेकिन अब तक मैंने किसी तरह की कोई सुरक्षा नहीं ली है। मैं भविष्य में भी कभी सुरक्षा नहीं लूंगा।


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