बीएसए ने परसेंडी के विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण, पठन-पाठन और स्वच्छता पर दिया जोर

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Sitapur News Hindi Update : जनपद के परसेंडी विकास खंड में शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दो विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जहां कई बुनियादी कमियां सामने आईं, वहीं मिड-डे मील के आंकड़ों में की गई हेरफेर ने अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया। स्वच्छता और व्यवस्था पर जताई नाराजगी निरीक्षण की शुरुआत उच्च प्राथमिक विद्यालय गौरिया झाल (कम्पोजिट) से हुई, जहाँ परिसर की साफ-सफाई और लाइटिंग की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। बीएसए ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की तर्ज पर विद्यालय परिसर को व्यवस्थित करने के…

Sitapur News Hindi Update : जनपद के परसेंडी विकास खंड में शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दो विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जहां कई बुनियादी कमियां सामने आईं, वहीं मिड-डे मील के आंकड़ों में की गई हेरफेर ने अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया।

स्वच्छता और व्यवस्था पर जताई नाराजगी

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निरीक्षण की शुरुआत उच्च प्राथमिक विद्यालय गौरिया झाल (कम्पोजिट) से हुई, जहाँ परिसर की साफ-सफाई और लाइटिंग की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। बीएसए ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की तर्ज पर विद्यालय परिसर को व्यवस्थित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक सप्ताह के भीतर विद्यालय की सभी कमियों को दूर कर रिपोर्ट दी जाए, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

कागजों में 52, हकीकत में 28 छात्र

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प्राथमिक विद्यालय पचदेवरा के निरीक्षण के दौरान एमडीएम पंजिका में बड़ी धांधली सामने आई। इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने पंजिका में 52 बच्चों का भोजन उपभोग दर्ज किया था, लेकिन जब बच्चों की वास्तविक गिनती की गई, तो वहां मात्र 28 बच्चे ही उपस्थित मिले। आंकड़ों में इस हेरफेर को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने तत्काल इंचार्ज प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया।

छात्रों से संवाद और अनुशासन का पाठ

विद्यालयों में केवल व्यवस्था ही नहीं, बल्कि शिक्षा के स्तर को भी परखा गया। बीएसए ने स्वयं छात्रों से पुस्तक पढ़वाई और मिड-डे मील की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया कि वे नियमित विद्यालय आएं और बच्चों को स्कूल ड्रेस के प्रति भी प्रोत्साहित करें। इस औचक निरीक्षण के बाद पूरे क्षेत्र के शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।

Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।