प्रयागराज : कोरोना वायरस की वजह से राज्य में अदालतें बंद होने के बीच इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हत्या के एक मामले में दोषी 94 वर्षीय व्यक्ति सूर्यवंश की सजा सोमवार को निलंबित कर दी। अदालत ने निर्देश दिया कि आवेदक/अपीलकर्ता को 5,000 रुपये का निजी मुचलका भरने पर जमानत पर रिहा किया जाए।
मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की पीठ ने गोरखपुर के सिकरी पुलिस थाना अंतर्गत रहने वाले सूर्यवंश की अपील पर यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता ने 24 जनवरी, 2020 को गोरखपुर के अपर सत्र न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा को चुनौती देते हुए अपील दाखिल की थी।
पीठ ने दोषी व्यक्ति की वृद्धावस्था पर विचार करने के बाद उसकी सजा निलंबित करते हुए कहा, “यह अपराध 28 मार्च, 1978 को हुआ और उस समय सूर्यवंश की उम्र 40 वर्ष थी। हमारे संज्ञान में यह बात लाई गई कि सूर्यवंश अब 94 वर्ष का है।”
पीठ ने कहा, “इस मामले में इस पहलू पर विचार करने के बाद हम इस आवेदन को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। इस प्रकार से इस आवेदन को स्वीकार किया जाता है। सूर्यवंश को सुनाई गई सजा, अपील के निस्तारित होने तक के लिए निलंबित की जाती है।”
अदालत ने राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे अपर शासकीय अधिवक्ता को इस आदेश का जल्द से जल्द अनुपालन सुनिश्चित करने और एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।


Download Android App
Download iOS App



