सहारनपुर के चिलकाना थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर की खेत में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। गनीमत रही कि दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं, और हेलीकॉप्टर को भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। अपाचे हेलीकॉप्टर को सरसावा एयरबेस वापस ले जाया गया।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में शुक्रवार को तकनीकी खराबी के कारण सेना के ‘अपाचे’ हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सहारनपुर के चिलकाना थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर की खेत में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। वायुसेना का एक अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर (एएच-64ई) की यमुना नदी के किनारे चिलकाना थाना क्षेत्र के जोधेबांस गांव के पास एक खेत में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हेलीकॉप्टर सरसावा एयरफोर्स बेस से रूटीन अभ्यास के लिए उड़ा था, लेकिन बीच रास्ते में ही तकनीकी खराबी की वजह से पायलट को खेत में लैंडिंग करानी पड़ी। गनीमत रही कि दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं, और हेलीकॉप्टर को भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर के कंट्रोल पैनल में चेतावनी संकेत दिखा, जिसके बाद पायलटों ने तुरंत फैसला लिया और जोधेबांस गांव के एक खेत में सावधानीपूर्वक लैंडिंग कराई। बाद में अपाचे हेलीकॉप्टर को सरसावा एयरबेस वापस ले जाया गया।
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हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद आसपास के गांववाले इकट्ठा हो गए थे। खबर मिलते ही चिलकाना थाना पुलिस और सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके को सुरक्षित किया। वायुसेना की एक तकनीकी टीम भी मौके पर भेजी गई, जिसने हेलीकॉप्टर की खराबी की जांच की। वायुसेना ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी टीम यह पता लगाएगी कि खराबी की वजह क्या थी।
उल्लेखनीय है कि अपाचे एएच-64ई दुनिया का सबसे उन्नत लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जो हवा से हवा में और हवा से जमीन पर हमला करने वाली मिसाइलों से लैस है। भारत ने 2015 में अमेरिकी कंपनी बोइंग के साथ 22 अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए 13,951.57 करोड़ रुपए का सौदा किया था। ये हेलीकॉप्टर मुख्य रूप से पठानकोट और जोरहाट एयरबेस पर तैनात हैं। ये हेलीकॉप्टर पुराने रूसी एमआई-35 हेलीकॉप्टरों की जगह वायु सेना में शामिल किए गए हैं।


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