नोएडा से छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस ने बीते शनिवार को 9 सट्टेबाजों को गिरफ़्तार किया था। जिस पर नोएडा पुलिस ने सोसाइटी के मेंटेनेंस मैनेजर की शिकायत के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस पर अपहरण का केस दर्ज किया है। दरअसल, दुर्ग पुलिस ने नोएडा पुलिस को सूचना दिए बिना गिरफ़्तारी की थी। जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के एलेस्टोनियो अपॉर्टमेंट के फ्लैट से ऑनलाइन सट्टा लगाने के आरोप में 9 लोगों को गिरफ्तार करने वाले छत्तीसगढ़ के पुलिसकर्मियों पर अपहरण का केस दर्ज किया गया है।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया है
सोसायटी के मेंटेनेंस मैनेजर विनोद कसाना ने सूरजपुर कोतवाली में दर्ज कराई गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शनिवार को दोपहर लगभग 3 बजे दो वाहन सवार होकर कुछ लोग सोसाइटी में पहुंचे। वे खुद को छत्तीसगढ़ के पुलिसकर्मी बता रहे थे और दुर्ग से आए थे। उन्होंने टावर नंबर 1 ए फ्लैट नंबर 901 के संबंध में पूछा।
इसके बाद वहां फ्लैट में रहने वाले लोगों से मिलने आए अंकित कनौजिया, विशाल कुशवाहा व उनके साथियों को कार समेत बिना बताए लेकर चले गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। इससे पहले छत्तीसगढ़ पुलिस ने महादेव बुक ऐप के आदि के जरिए ऑनलाइन सट्टा लगवाने के आरोप में 9 लोगों गिरफ्तार किया था। लेकिन छग पुलिस ने लोकल पुलिस को बिना जानकारी दिए ये कार्रवाई की थी।
आरोपियों को साथ लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की
छत्तीसगढ़ पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को साथ लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इसमें छत्तीसगढ़ पुलिस ने यह दावा किया है कि ग्रेटर नोएडा में महादेव बुक ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टा लगाया जा रहा था। ऐप के संचालक दुबई के बताए गए हैं। इसके जरिए क्रिकेट व अन्य खेलों में रुपया लगवा कर ही वॉलेट और किराए पर लिए गए और सेल कंपनी के खाते में रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक ऐप के तार दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी और नक्सलवादियों से जुड़े हो सकते हैं।


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