उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक शहर हरिद्वार में हर की पौड़ी के पास रेलवे की पटरी दिखाई देने की खबर इन दिनों काफी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि अंग्रेजों के शासन काल में बनाई गई यह पटरी साल में सिर्फ एक बार नजर आती है। आम दिनों में यह पानी के अंदर छिपी रहती है, लेकिन जलस्तर कम होने पर इसके दर्शन हो पाते हैं।
अंग्रेजों के जमाने की रेल पटरियां
हर की पौड़ी गंगा नदी के किनारे स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। वही शाम के समय होने वाली गंगा आरती भी देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहती है।वही अब इन दिनों सोशल मीडिया पर वियरल हो रही एक वीडियो में जिसमें नदी के अंदर मौजूद रेलवे की पटरियां साफ दिख रही हैं।
बताया जा रहा है कि यह अंग्रेजों के जमाने में बनाई गई थी। बताया जा रहा है कि यह पुराने समय में नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में परिवहन तथा निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाएं आज से काफी अलग थीं। ऐसे में इस तरह की पुरानी वस्तु इतिहास के महत्वपूर्ण पहलुओं की ओर सबका ध्यान खींचती हैं।
पटरी का इतिहास की 100 सालों से भी पुराना
जानकारी के मुताबिक, गंगा जी में दिखने वाली ये पटरी 175 साल पुरानी बताई जा रही हैं। माना जा रहा है कि ये 1850 के आसपास की बनी हुई हैं। हालांकि ये इस्तेमाल में नहीं आती लेकिन ब्रिटिश काल की इंजीनियरिंग को दिखाती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह गंगा नहर पटरी के निर्माण के वास्तविक उद्देश्य, उसकी उम्र और साल में केवल एक बार दिखाई देने के दावे की पुष्टि के लिए संबंधित विभाग या ऐतिहासिक अभिलेखों से जानकारी लेना जरूरी है।
फिलहाल, हर की पौड़ी के पास दिखाई देने वाली इस पुरानी पटरी को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। यह दृश्य हरिद्वार के धार्मिक महत्व के साथ-साथ शहर से जुड़े पुराने इतिहास को भी याद दिलाता है।


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